सिद्धार्थनगर। बस हादसे में घायल मोहनकोला गांव निवासी कमलावती माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में जिदंगी के लिए लड़ रही हैं। उसे पता ही नहीं है कि उसके पति गामा की मौत हो चुकी है। क्योंकि हादसे के बाद वह कब बढ़नी पीएचसी और मेडिकल कॉलेज पहुंची, उसे जानकारी नहीं है। वह बोलने की हालत में नहीं है, लेकिन अस्पताल में उसके साथ रहने वाले परिवार के सदस्य ने बताया कि बार-बार पति के बारे में पूछ रही है। उसे बता देंगे तो वह आपा खो देगी।
क्योंकि ब्लड प्रेशर की मरीज उसकी तबीयत और बिगड़ जाएगी। डॉक्टरों के मुताबिक इलाज चल रहा है, सुधार हो गया है। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के मोहनकोला गांव निवासी कमलावती (64) और उसके पति गामा एक साथ पड़ोसी खदेरू के नाती और नतिनी के मुंडन संस्कार में शामिल होने के लिए एक साथ बस से निकले थे। साथ में बस में चढ़े भी थे। जैसा की लोगों ने बताया। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद दोनों एक साथ बस में सवार हुए और निकले थे।
लेकिन, जब हादसा हुआ तो दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। किसी को एक-दूसरे के हाल के बारे में जानकारी नहीं थी। कमलावती होश में आई तो वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी से माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में थीं। उनका इलाज चल रहा था। वहीं, गंभीर रूप से घायल पति की इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाते समय में मौत हो गई। पति के मौत से कलावती शनिवार को भी अंजान थीं। चार बेटों में दो पुत्र मुंबई व अन्य शहर में हैं। जबकि, तीसरे नंबर का लड़का पिता के शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए पीएम हाउस पर पहुंचा था। वहीं, दो बेटों को परिवार के लोगों ने जानकारी दे दी है।