ढेबरुआ/तुलसियापुर। ढेअरुआ के चरिगहवां नदी के पास हुए बस हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एक साथ तीन गांवों में मातम का माहौल था। बस में सवार लोग हादसे की दस्ता बयां करते फफक पड़े। महिलाओं ने कहा कि जान बची तो अपनों को घायल देखकर दिल बैठ गया। तेजी से दौड़ती बस और फिर पलटने के बाद लगा कि अब जान नहीं बचेगी।
सवार लोगों ने बस पलटने का कारण चालक की लापरवाही बताया। लोगों ने बताया कि बस चालक नशे में था, वह देवी पाटन मंदिर तुलसीपुर से ही बस बहुत ही खराब चला रहा था मृतक गामा पासवान के भाई निरंदे पासवान ने बताया कि वह बस में आगे ही बैठे थे। बस चरिगहवां पुल पर बस पहुंची तो चालक एक ई-रिक्शा को ओवरटेक कर बस आगे ले जाने लगा, तभी दूसरी तरफ से आ रहा साइकिल सवार चपेट में आ गया और बस अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। बता दें कि हादसे में जान गंवाने वाले गामा के घर मातम फैला हुआ था। इसके साथ ही पैकी गांव में भी किशोर अजय घर पर चीख-पुकार मची थी। मृतक खदेरू के साढू का पुत्र था, वह खदेरू के घर मुंडन में शामिल होने के लिए आया था।
अजय की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ :
बस दुर्घटना में अपने जीवन को खोने वाले पैकी गांव का 13 वर्षीय अजय कुमार शर्मा पुत्र बाबूलाल चरिगवां में एक निजी विद्यालय में अध्ययनरत था। वह अपने माता-पिता के पांच बच्चों में तीसरे नंबर पर था। शनिवार को जब उसके परिजनों से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के मोहनकोला के रहने वाले खदेरु की पौत्री कल्पना (05) पुत्री रामप्रसाद व पौत्र ऋषि (05) पुत्र विष्णु का मुंडन था। मृतक अजय, खदेरु के साढ़ू का लड़का था। मृतक की मां शकुंतला का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार मृतक अपने बड़े पुत्र को पूछ रही है। उसकी हालत देखकर उसको समझाने वाली गांव व रिश्तेदार की औरतें भी अपना धैर्य खो दे रही हैं।मंगनी के घर पर छाया मातम : ढ़ेबरुआ थाना क्षेत्र के चरिगहवां नाले में मुंडन करवाकर लौट रही बस के पलटने से ढ़ेबरुआ थाना क्षेत्र के खुरहुरिया गांव के रहने वाले मंगनी (55) पुत्र आसरे की मौत ने परिवार के साथ पूरे गांव में मातम पसरा है। मृतक राजगीर का काम करके भरे-पूरे परिवार का भरण पोषण करता था। मृतक की पत्नी राधिका देवी को तो परिजनों ने इस दर्दनाक घटना के बारे में ही नहीं बताया। परिजनों के मुताबिक दोनों पति-पत्नी के पास तीन पुत्री नीतू (26), सरिता (24) व सुधा (16) और तीन पुत्र सतीराम (36),सोनू (28) व सुनील कुमार (20) हैं। जिसमें सुनील व सुधा अविवाहित हैं और दोनों पति-पत्नी को इसी बात की चिंता सबसे अधिक थी। इसके लिए मृतक मेहनत बहुत करते थे। वह बढ़नी बाजार में राजगीर का काम करते थे और साइकिल से अपने घर आया-जाया करते थे। शुक्रवार को भी वह मजदूरी करके घर लौट रहा था, तभी हादसे का शिकार हो गए।
उपचार के बाद रात में पहुंचाया घर :
चरिगहवां नाले में बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद मामूली रूप से घायल व अन्य बस सवारों में अफरा-तफरी मच गया। बस से निकलने के बाद सभी लोग अपने परिजनों को खोजते हुए पीएचसी बढ़नी पहुंचे। जहां पहले से ही क्षेत्रीय लोगों की भीड़ अधिक थी, वहीं बस में सवार लोगों के पहुंचने के बाद पूरा अस्पताल परिसर घायलों व मृतकों के परिजनों के पहुंचने से भर गया। जिसके बाद घटनास्थल व पीएचसी बढ़नी पहुंचे डीएम डाॅ. राजा गणपति आर ने एसडीएम चन्द्रभान सिंह व एसओ संतोष कुमार सिंह को घायलों व अन्य बस सवारों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए बस की व्यवस्था करवाने का निर्देश दिया। जिसके बाद प्रशासन ने बस से सभी को घरों तक पहुंचाया।
बीडीओ ने रात कराया भोजन :
जिलाधिकारी डाॅ. राजा गणपति आर ने शुक्रवार की देर शाम लगभग सात बजे देवी पाटन मंदिर से लौट रही बस के चरिगहवां नाले के पास पलटने की घटना में घायलों के भोजन की व्यवस्था करने का निर्देश बढ़नी बीडीओ श्याम मुरली मनोहर मिश्र को दिया। जिसके बाद वह देर रात तक अस्पताल में मौजूद रहे। उन्होंने अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती सभी घायलों के लिए भोजन की व्यवस्था किया।