फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गिंपुर सहित बौद्धिष्ट देशों में महकेगा कालानमक

विज्ञापन
सिद्धार्थानगर में काला नमक धान की फसल। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
विज्ञापन
सिंगापुर सहित बौद्धिस्ट देशों में महकेगी कालानमक की खुशबू
विज्ञापन

काला नमक को पहचान दिलाने के लिए खुलेगा सामान्य सुविधा केंद्र
एक जिला, एक उत्पाद के लिए जिले के खेसहरा में बनेगा मुख्य केंद्र
धान से लेकर चावल कुटाई और बीज तैयार करने का भी होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। काला नमक की खुशबू अब बौद्धिस्ट देशों में महकेगी। सिंगापुर के बाद अन्य बौद्ध देशों में इसकी ब्रांडिंग होगी। इसके लिए सामान्य सुविधा केंद्र खोला जाएगा। एक जिला, एक उत्पाद के तहत यह सुविधा जिले में होगी। सामान्य सुविधा केंद्र के जरिए किसानों का धान सीधे खरीदा जाएगा। साथ ही उन्हें वहीं से उन्नतशील बीज भी मिलेगा। आने वाले खरीफ के सीजन में सुविधा केंद्र सक्रिय हो जाएंगे।
प्रदेश सरकार ने एक जिला, एक उत्पाद के तहत सभी जिलों के ब्रांडिंग का काम शुरू किया तो जिले में काला नमक का चयन हुआ है। इसकी महक और चावल की मिठास ऐसी रही कि लोगों के लिए यह खास हो गई। लेकिन किसानों को इसका सीधे तौर पर लाभ नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में सरकार ने यह फैसला लिया है कि काला नमक की खेती करने वाले किसानों को इसका वाजिब मूल्य मिल सके। इसके लिए जिले में सामान्य सुविधा केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए खेसरहा का चयन किया गया है। विभाग की मानें तो फर्म लगाने का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। आने वाले खरीफ के सीजन में किसानों को इसका लाभ मिलने लगेगा। उपायुक्त उद्योग दयाशंकर सरोज ने कहा कि एक फर्म को केंद्र खोलने के लिए योग्य पाया गया है। शासन स्तर से सामान्य सुविधा केंद्र खोलने का निर्देश हुआ है। इस सिलसिले में संस्था काम कर रही है। खरीफ के अगले से सीजन से किसानों का इसका लाभ भी मिलने लगेगा।
विज्ञापन

ब्लॉक व तहसील स्तर पर खुलेगा सामान्य सुविधा केंद्र
किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए नामित कंपनी शिवांश सिद्धार्थनगर एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोडक्शन लिमिटेड की ओर से तहसील और ब्लॉक मुख्यालय पर केंद्र खोला जाएगा। इन केंद्रों पर किसान अपना धान बेचने के साथ-साथ उन्नतशील बीज भी खरीद सकेंगे।
फर्म खुद करेगी कुटाई और बीज शोधन का काम
इस फर्म में धान की कुटाई से लेकर चावल की पैकिंग और धान की बीज तैयार करने का सिस्टम रहेगा। इसके साथ ही बीज की बिक्री करेंगे। बताया जाता है कि यह फर्म सिंगापुर में काला नमक चावल भेज चुकी है। इसके अलावा अन्य बौद्ध देशों में चावल भेजने की योजना है। इन देशों में कोरिया, चीन, जापान, म्यांमार, कंबोडिया, मंगोलिया, वियतनाम, थाईलैंड, श्रीलंका, भूटान, वर्मा आदि शामिल हैं।
विज्ञापन

3000 हेक्टेयर पर होने लगी काला नमक की खेती
कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो मौजूदा समय में जिले में 3000 हेक्टेयर भूमि पर काला नमक की धान की खेती हुई है। जबकि इससे 10 वर्ष पूर्व यह रकबा 10 हजार हेक्टेयर से अधिक था। रकबा कम होने के पीछे पैदावार में कमी और उपज का वाजिब मूल्य का न मिलना प्रमुख कारण था। अब जब इसकी ब्रांडिंग होगी, मांग बढ़ेगी। ऐसे में उम्मीद जगी है कि रकबा भी इस बार और बढ़ेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें