प्रचार-प्रसार के जरिए बढ़ाएंगे कालानमक धान का रकबा
- एक जिला एक उत्पाद में पूर्व जिलाधिकारी पीएम के हाथों हो चुके हैं सम्मानित
- किसानों की आय को दोगुना करने के लिए खेती करने को किया जाएगा प्रेरित
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। किसानों की आय को दोगुना करने के लिए कालानमक धान की खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। रकबा बढ़ाने के लिए कृषि विभाग प्रचार-प्रसार करके किसानों जागरूक करते हुए उन्हें खेती करने का तरीका बताएगा। एक जनपद एक उत्पाद में चयनित कालानमक के लिए पूर्व जिलाधिकारी पीएम के हाथों सम्मानित हो चुके हैं। इसलिए इस पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रदेश में योगी सरकार के पहली बार सत्ता में आने के बाद प्रदेश के सभी जनपदों में होने वाले उत्पाद को प्रोत्साहन देने और उसकी ब्रॉडिंग के लिए एक जनपद एक उत्पाद के तहत जोड़ा गया है। उत्पादन और बाजार रेट दिलाने के लिए उस पर सरकार ने अनुदान देने का कार्य किया। सिद्धार्थनगर जनपद में कालानमक को एक जिला एक उत्पाद में चयनित किया गया। किसानों को चावल का अच्छा रेट मिले इसके लिए सीएफसी (कॉमन फैसिलिटि सेंटर) सात करोड़ रुपये की लगात से बनाया जा रहा है। कृषि विभाग के रिपोर्ट के अनुसार पिछले चार साल में लगातार कालानमक धान की खेती का रकबा बढ़ रहा है। मौजूदा समय में 10 हजार हेक्यटेयर से अधिक भूमि पर कालानमक धान किसान लगाने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इसके पूर्व जिलाधिकारी को सम्मानित किया गया है। रकबा और बढ़े और सरकार के मंशा के अनुरूप किसानों की आय दोगुना हो इसके लिए अधिक से अधिक किसानों को खेती से जोड़ा जाएगा। हर जगह समिति बनाई जाएगी। कृषि विभाग से जुड़े लोग किसानों के संपर्क में रहेंगे। वे फसल को समय-समय पर देखेंगे और फसल होने तक दवाओं के छिड़काव आदि के बारे में जानकारी देंगे। रकबा बढ़े और किसान प्रोत्साहित हों इसके लिए धान का प्रचार-प्रसार भी करेंगे।
बॉर्डर क्षेत्र के इलाके में बढ़ा रहा है रकबा
मूल रूप से अभी तक सीमावर्ती क्षेत्र के बर्डपुर, लोटन और शोहरतगढ़ खेती होती आ रही है। पहले जोगिया और नौगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के बड़े हिस्से पर कालानमक धान की खेती होती थी। लेकिन एक जनपद में चयनित होने के बाद इन ब्लॉक क्षेत्रों में भी रकबा बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में उत्पादन के साथ ही चावल में खुशबू भी अच्छी है।
कालानमक धान एक जनपद एक उत्पाद में चयनित है। इसका रकबा बढ़े और किसानों की आय बेहतर हो सके। इसके लिए प्रचार-प्रसार करके किसानों को जागरूक किया जाएगा। किसानों का समूह तैयार किया जाएगा। इस पर कार्य चल रहा है।
- सीपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी सिद्धार्थनगर