सिद्धार्थनगर। त्योहारों के बाद दिल्ली-मुंबई जाने के लिए ट्रेनों में भीड़ कम नहीं हो रही है। रेलवे स्टेशन सिद्धार्थनगर में प्लेटफाॅर्म पर पहुंचकर ट्रेन में सीट हासिल करने से पहले टिकट काउंटर पर धक्का मुक्की करनी पड़ रही है। सुबह 6 से 7 बजे एक साथ तीन ट्रेनों की आवाजाही हुई तो टिकट के लिए लंबी लाइन लग गई। एक ही काउंटर होने के कारण महिला यात्रियों को भी टिकट के लिए पुरुषों के बीच जूझना पड़ा।
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह सुबह 6 बजे से एक घंटे के अंदर तीन ट्रेनें आ गई। इस दौरान टिकट काउंटर पर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक युवक ने जल्दी बताते हुए काउंटर में हाथ डाला तो पीछे खड़े लोग शोर मचाने लगे। विरोध इतना हुआ कि उसे हाथ बाहर निकालना पड़ा, लेकिन इसमें समय बर्बाद होने से टिकट बनने का कार्य कुछ देर रुका, जबकि हर किसी को एक-एक मिनट की जल्दी थी। 24 घंटे में 16 जोड़ी से अधिक ट्रेनें आती जाती हैं, जिसमें से मंगलवार को बांद्रा टर्मिनस अंत्योदय एक्सप्रेस (22922) मुंबई तक जाने वाली ट्रेन सुबह 4:37 पर आती है, जबकि इसी रूट से बादशाह नगर तक जाने वाली ट्रेन इंटरसिटी एक्सप्रेस (15069) सुबह 5:11 बजे आती है। ये दोनों ट्रेन देर से आई। इस कारण भीड़ अधिक बढ़ गई थी।
बादशाहनगर तक जाने वाली ट्रेन से मेडिकल कॉलेज, केजीएमयू, लोहिया, मेदांता में जाने वाले लोग यात्रा करते हैं, जबकि इसी दौरान लखनऊ से भी ट्रेन आती है, जिससे एक ही टिकट काउंटर होने से लोगों को टिकट लेने में परेशानी होती है।
मुझे सुबह इंटरसिटी से लखनऊ जाना था लेकिन एक ही टिकट काउंटर परेशानी हुई। एक मित्र को बुलाया तो उसने बाहर से टिकट खरीदकर पहुंचाया।
-राजा मिश्रा, यात्री
मुंबई जाने के लिए एक रिश्तेदार को पहुंचाने आए थे, लेकिन टिकट काउंटर पर भीड़ अधिक थी, यदि दो टिकट काउंटर होते तो लोगों को परेशान नहीं होना पड़ता।
-मिथलेश अग्रहरी, यात्री
वर्जन
टिकट काउंटर एक ही है, एक ई-मशीन से लोगों को टिकट दिया जाता है। महिलाओं के सुविधा के लिए उन्हें लाइन के बिना ही टिकट दिया जाता है, टिकट काउंटर 24 घंटे खुला रहता है।
-डीके उपाध्याय, स्टेशन मास्टर
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वर्जन
अब सुबह काउंटर पर जवान तैनात रहेंगे। टिकट काउंटर पर लोग लाइन-लगाकर ही टिकट लेते हैं, यदि कोई बगल से जाकर टिकट लेता है, या मनमानी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-लोकेश कुमार, आरपीएफ इंचार्ज