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विकास कार्यों को लेकर जिला पंचायत सदस्यों ने दिया धरना

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जिला पंचायत कार्यालय में धरने के बाद बैठक कर रणनीति बनाते जिला पंचायत सदस्य। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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विकास कार्यों को लेकर जिला पंचायत सदस्यों ने दिया धरना
जिला पंचायत कार्यालय के परिसर में चल रहा धरना आश्वासन के बाद खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला पंचायत कार्यालय परिसर में बुधवार को विकास कार्यों को लेकर जिला पंचायत सदस्यों ने धरना दिया। एएमए के10 दिन के अंदर टेंडर निकालकर विकास कार्य शुरू कराने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ।
जिला पंचायत सदस्य तौलेश्वर निषाद, राघवेंद्र मिश्र, पुष्पा सिंह, सत्यनरायण यादव, निरंकार सिंह आदि ने कहा कि पिछले दो वर्षों से जिला पंचायत कीतरफ कोई विकास कार्य नहीं हुआ। सभी तरह के विकास कार्य ठप हैं। उन्होंने जिला पंचायत प्रशासन पर आरोप लगाया कि जिम्मेदारों के लापरवाही के चलते दो न तो दो वर्ष से टेंडर हुआ और न ही कोई निर्माण कार्य हुआ। इस बीच मौके पर पहुंचे एएमए हरिओम नरायन चंद ने आश्वासन दिया कि 10 दिन के अंदर टेंडर निकालकर विकास कार्यों का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। इसके बाद जिला पंचायत सदस्यों ने धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान रामसागर चौधरी, जाकिर हुसैन, जुबैर अहमद, अवधेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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दो खेमों में बंटे जिला पंचायत सदस्य
जिला पंचायत में निर्माण कार्यों को लेकर भी सदस्यों के बीच खेमेबंदी चल रही है। दो खेमों में बंटे जिला पंचायत सदस्यों का एक पक्ष जहां दूसरे पर विकास कार्यों को कराने में लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहा है, वहीं, दूसरा पक्ष भी विकास कार्य न होने के लिए विरोधी खेमे को जिम्मेदार बता रहा है। इस बीच कुछ सदस्य ऐसे भी हैं जो दोनों खेमों के बीच पहुंचकर अपनी गोटी साध रहे हैं, लेकिन दोनों खेमों के लोगों की नजर ऐसे सदस्यों पर है।
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दो वर्षों से ठप पड़ा है विकास कार्य
सत्ताधारी पार्टी के विरोधी खेमे का जिला पंचायत अध्यक्ष होने के साथ ही सदस्यों की आपसी सहमति न होने के कारण जिला पंचायत की तरफ से कराए जाने वाले विकास कार्य ठप पड़े हैं। अब जबकि पंचायत का कार्यकाल भी सिर्फ एक वर्ष ही बचा है, ऐसे में अब भी सदस्यों की आपसी सहमति न होने के कारण विकास कार्यों पर ग्रहण लगता दिख रहा है। कारण जो भी हो लेकिन आने वाले चुनाव में जनता के बीच क्या लेकर जाएंगे, इसको लेकर अधिकांश सदस्य चिंतित हैं।
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