सिल्ट की सफाई कार्य के भुगतान को लेकर ड्रेनेज खंड के जेई और ठेकेदार का विवाद तूल पकड़ने लगा है। जेई ने ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज कराया तो नाराज ठेकेदारों ने डीएम के समक्ष पेश होकर अफसरों के रवैए पर रोष जताया।
डीएम को ज्ञापन देकर जेई पर कार्रवाई की मांग की। ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि अगर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो वह प्रदर्शन करेंगे और विभागीय कार्यालय पर तालाबंदी करने को बाध्य होंगे।
एक्सईएन आवास पर बुधवार देर शाम जेई घनश्याम चौधरी का उचहरिया निवासी ठेकेदार अमित सिंह से विवाद हुआ था। नौबत मारपीट तक पहुंच गई थी। घटना के विरोध में अभियंताओं के लामबंद होने पर बुधवार देर रात सदर पुलिस ने आरोपी ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
इसकी भनक लगते ही गुरुवार सुबह सभी ठेकेदार लामबंद हो गए। नाराज ठेकेदारों का समूह कलेक्ट्रेट पहुंचा और जेई पर मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगा। ठेकेदारों ने डीएम डॉ. सुरेन्द्र कुमार से मिलकर ज्ञापन दिया। डीएम के निर्देश पर ठेकेदारों का प्रतिनिधिमंडल एसपी आवास पहुंचा।
मगर मुलाकात न हो पाने पर दोबारा एएसपी से मिलकर शिकायत दर्ज कराई। ठेकेदारों का कहना था कि अगर पुलिस मामले में जेई पर मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई नहीं करती तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में ठेकेदार संघ के प्रधान प्रेमनारायण पांडेय, अमित सिंह, सुग्रीम पासवान, दीपू सिंह, अवधेश सिंह, सत्य प्रकाश मिश्रा, जयप्रकाश सिंह, विजय पाल सिंह, गिरीश, मकसूद, मारकंडेय सिंह, एसएन सिंह, रमाशंकर, मनोज, तारिक, गुड्डू उपाध्याय, बबलू, सुधीर आदि शामिल रहे।