भवानीगंज। डुमरियागंज क्षेत्र के धनुवाडीह उर्फ हजिरवा गांव में श्रीमद्भागवत कथा तीसरे दिन रविवार को भी आयोजित हुआ। कथावाचक प्रभाकर वेदाचार्य ने लोगों को संत्सग के जरिये संस्कारी होने पर जोर दिया।
कथावाचक ने कहा कि अच्छा जीवन जीने के लिए संस्कारवान होना बहुत जरूरी है। संस्कार हमारे अंदर तभी आएगा, जब हम संत महात्माओं का संगत करेंगे। संतों की वाणी को अपने अंदर उतारेंगे। तभी हमारे मन को शांति मिलेगी। उन्होंने कहा कि भौतिकवादी जीवन में बच्चे सत्संग से दूर होते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में संस्कार को बनाए रखना आज लोगों के समक्ष चुनौती है। इसीलिए परिवार के सभी सदस्यों को सत्संग में लाने का प्रयास करें। संत महात्माओं की संगति कराने का प्रयास करें और उनकी वाणी को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें। साथ ही उनके बताए मार्ग पर चले तभी यह जीवन सफल होगा और मन को शांति मिलेगी। कथावाचक ने लोगों से भगवान की कथाएं नित्य सुनने के लिए आह्वान किया। उन्होने बताया कि भगवान की कथा सुनने से जीवन के दुख दूर होते हैं। इस दौरान ओम प्रकाश पांडेय, मंटू पांडेय, सौरभ, अंबुज, गौरव, प्रदीप मौजूद रहे।