डुमरियागंज। मथुरा-वृंदावन से आये मानस व्यास पंडित आलोकानंद शास्त्री महाराज ने कहा कि जहां भगवान श्रीराम की कृपा होती है, उसी जगह रामकथा संभव हो पाती है। राम की कृपा वहीं होती है, जहां उनके भक्त रहते हैं। उन्हाेंने कहा कि प्रभु ने ही मानव शरीर बनाया है। लेकिन पुरुषार्थ मानव का धर्म है। बिना परिश्रम के कुछ भी मिलना असंभव है। रामकथा से हर जीव की व्यथा दूर हो जाती है। संसार के सभी जीवों का मंगल रामकथा के श्रवणपान से ही हो जाएगा।
कथा व्यास नगर के इंदिरानगर वार्ड में आयोजित श्रीरामकथा के पहले दिन बुधवार को परिश्रम का अर्थ समझा रहे थे। इस दौरन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। उन्होंने आगे कहा कि भगवान भक्ति के अधीन होते हैं। इस दौरान शिवकुमार, सभासद उमाशंकर गौड़, राम बहादुर जायसवाल, लखानी गुप्ता, बाबा पान वाले, गन्नू लाल कनौजिया, जमुना प्रसाद प्रजापति, घनश्याम पांडेय, लक्की चौरसिया, धर्मपाल जायसवाल, गुड़िया श्रीवास्तव, गोरखनाथ आदि शामिल रहे।