सिद्धार्थनगर। एसएसबी और मोहाना थाने की संयुक्त टीम ने बुधवार को ककरहवा बॉर्डर से बिना वीजा नेपाल सीमा में प्रवेश की कोशिश करते एक ईरानी नागरिक को गिरफ्तार कर लिया। उसने अपना नाम कामरान चकमेह बताया। जांच में उसके पास लखनऊ के विराट खंड के पते पर बना फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ है। विदेशी अधिनियम सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
एसपी प्राची सिंह ने बताया कि एसओ मोहाना अनूप कुमार मिश्र और एसएसबी की टीम बुधवार को संयुक्त रूप से ककरहवा बॉर्डर पर गश्त कर रही थी। इस दौरान मिले एक संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम कामरान चकमेह (45) पुत्र मंसूर और पता तेहरान पर्स स्ट्रीट टानॉड एलए सादी नं.-20/2 बताया। जांच में वह वीजा नहीं दिखा सका। उसके पास लखनऊ के विराट खंड के पते पर जारी आधार कार्ड बरामद हुआ। उस पर नाम रवि कुमार पुत्र ऋषि कुमार लिखा हुआ है। पूछताछ में उसने बताया कि दिल्ली के रहने वाले ड्रग माफिया अमित सिंह से उसकी जान पहचान है, उसी के जरिए दिल्ली आया था और लंबे समय से वहां रह रहा था।
10 साल पहले आया था दिल्ली के ड्रग माफिया के संपर्क में
ककरहवा बॉर्डर पर पकड़े गए कामरान ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि लगभग 10 वर्ष पहले केमिकल बिजनेस के सिलसिले में दिल्ली के बसंतकुंज निवासी ड्रग माफिया अमित सिंह के संपर्क में आया था। भारतीय वीजा न होने के कारण पहले वह नेपाल आया। अमित दो-तीन बार लुंबिनी आकर बिजनेस के सिलसिले में उससे मिला था।
बाद में अमित उसे नेपाल से भारत लेकर आया था। वह काफी समय से दिल्ली के बसंत कुंज में रह रहा था, इस दौरान उसकी पत्नी दो-तीन बार ईरान से मिलने आई थी। उसने बताया कि अमित इस समय दिल्ली जेल में बंद है। अमित के जेल जाने के बाद वह दिल्ली से ककरहवा के रास्ते नेपाल सीमा में दाखिल होना चाहता था। नेपाल के रास्ते वह ईरान लौटने वाला था। इसी कोशिश में चेकिंग के दौरान पकड़ लिया गया।
ये दस्तावेज और सामान बरामद
पकड़े गए ईरानी नागरिक के पास से एक पासपोर्ट कामरान चकमेह पुत्र मंसूर के नाम का, कूटरचित आधार कार्ड (रवि कुमार पुत्र ऋषिकुमार के नाम से विराट खंड लखनऊ के पते पर), दो पहचान पत्र कामरान चकमेह पुत्र मंसूर, एक रेलवे टिकट दिल्ली से गोरखपुर (रवि कुमार के नाम से) का, एक मोबाइल, 13 हजार रुपये भारतीय मुद्रा, दो एटीएम कार्ड, पांच कंपनियों के सिम कार्ड आदि बरामद हुआ है।