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इन्वेस्टर्स मीट : 550 करोड़ रुपये निवेश का खाका तैयार

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इन्वेस्टर्स मीट के लिए लोहिया कला भवन में हुई सजावट।संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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इन्वेस्टर्स मीट : 550 करोड़ रुपये निवेश का खाका तैयार
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सिद्धार्थनगर। लोहिया कला भवन में शुक्रवार सुबह 10 बजे इन्वेस्टर्स मीट शुरू होगी। 550 करोड़ रुपये के निवेश का खाका तैयार है। वैसे रकम बढ़ सकती है। निवेश पर मुहर लगने से जिले में औद्योगिक विकास का रास्ता साफ हो गया है। भारी उद्योग शुरू होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जिले का विकास होगा।
जिले की स्थापना के 33 साल बाद उद्योग की नींव पड़ने वाली है। इस मीट में 85 उद्योगपति एवं व्यापारी शामिल होंगे। वैसे निवेशकों की संख्या बढ़ सकती है। उत्तराखंड, लखनऊ सहित एनआरआई भी उद्योग लगाने के लिए कदम बढ़ा रहे हैं। गोरखपुर के गीडा, बस्ती के चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, संतकबीरनगर के औद्योगिक संगठन सहित नेपाल के कारोबारी भी मीट में हिस्सा लेंगे। उद्योग के क्षेत्र में खास उपलब्धियां हासिल करने वाले लोग वक्ता होंगे, जबकि प्रमुख उद्योगपतियों की टीम प्रजेंटेशन भी देगी। स्थानीय सांसद जगदंबिका पाल मुख्य अतिथि होंगे। मीट में विधायक भी शामिल होंगे।
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इन्वेस्टर्स मीट से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को अनिवासी भारतीय कारोबारी काजी मुक्तार अहमद ने 125 करोड़ रुपये निवेश का रजिस्ट्रेशन किया तो जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित लक्ष्य 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश का खाका तैयार हो गया। उनकी एसजीसी सेंटर रियल इस्टेट के साथ शिक्षा एवं स्वास्थ्य में निवेश करेगा। स्थानीय चिकित्सक डॉ. चंद्रेश उपाध्याय ने मेडिकल एंड हेल्थ सेक्टर में 30 करोड़ रुपये निवेश की इच्छा जताई है।
इस मीट में कालानमक चावल आधारित उद्योग लगने की राह खुलने की संभावना भी है। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त दयाशंकर सरोज ने बताया कि निवेश सारथी पोर्टल पर 550 करोड़ रुपये का रजिस्ट्रेशन हो गया है, इससे 2500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
सुविधाएं और संभावनाएं
जिले में एक साल पहले भारतीय स्टेट बैंक का क्षेत्रीय व्यावसायिक कार्यालय खुल गया है। अब भारी ऋण के लिए गोरखपुर जाने की मजबूरी नहीं होगी। जिले में गन्ना और केले की खेती बड़े पैमाने पर हो रही है। कालानमक चावल यहां की पहचान है। निवेश से कृषि आधारित उद्योग की संभावना है। खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गोरखपुर-गोंडा रेल लाइन और दो नेशनल हाईवे हैं। फरेंदा नौगढ़ ट्रांसमिशन लाइन का कार्य अंतिम चरण में है।
करने होंगे ये कार्य
गोरखपुर के गीडा की तर्ज पर सिद्धार्थनगर औद्योगिक विकास प्राधिकरण बनाने की आवश्यकता है। राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने उद्योग के विकास के लिए 100 एकड़ जमीन की मांग की है, लेकिन जमीन नहीं मिल सकी है। नेपाल बॉर्डर से जुड़ने वाले जिले के किसी भी रेलवे स्टेशन पर माल गोदाम (गुड्स शेड) की सुविधा नहीं है। माल गोदाम होगा तो सड़क परिवहन में अधिक खर्च करने की मजबूरी नहीं होगी।
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वर्जन--
जिले में पहली बार आयोजित होने वाले इन्वेस्टर्स मीट के मद्देनजर उद्योगपतियों एवं व्यापारियों में उत्साह है। 550 करोड़ रुपये निवेश के लिए कारोबारी तैयार हो गए हैं, निवेश की रकम और बढ़ने की संभावना है। जिले में जल्द ही उद्योग का विकास शुरू हो जाएगा।
-संजीव रंजन, जिलाधिकारी
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