मंडलायुक्त पीके सिंह ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली 83 योजनाओं के जिले में प्रगति की समीक्षा की। ज्यादातर योजनाएं ए-श्रेणी में थी। इन पर तेजी से काम चल रहा था। 14 योजनाएं डी-श्रेणी में पाई गई।
संबन्धित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने की हिदायत देते हुए मंडलायुक्त ने वित्तीय सत्र की समाप्ति से पहले पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में मंडलायुक्त ने पिछली मंडलीय समीक्षा बैठक का हवाला देते हुए कार्यदाई संस्थाओं के लिए तय की गई सितंबर-अक्टूबर की डेडलाइन वाली योजनाओं की प्रगति के बारे में जवाब मांगा।
सीडीओ को निर्देशित किया कि जिले में काम कर रही सभी कार्यदाई संस्थाओं की प्रगति, समय सीमा, धन आवंटन, रिवाइज एस्टीमेट आदि की रिपोर्ट लेकर समीक्षात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जिन विभागों के कार्यों को कार्यदाई संस्थाओं ने पूरा नहीं किया गया है, उस संस्था के खिलाफ प्रतिकूल दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्रवाई की जाएगी।
मंडलायुक्त ने बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के विद्यालय भवन निर्माण, खेसरहा में कस्तूरबा गांधी विद्यालय के भवन निर्माण, पोस्र्टमार्टम भवन, आम आदमी बीमा योजना के लक्ष्य के सापेक्ष लाभार्थियों में धन के वितरण कार्यों की प्रगति, 2014-15 में डा.राममनोहर लोहिया गांवों में आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य की प्रगति, हैंडपंप, इंदिरा आवास के बारे में भी जानकारी ली।
व्यापार कर वसूली की खराब प्रगति पर नाराजगी जताते हुए इसे बढ़ाने का निर्देश दिया। जलनिगम की ओर से तैयार किए सात वाटर टैंकों के कनेक्शन 31 जनवरी तक पूरा करने के लिए एक्सईएन बिजली विभाग को निर्देशित किया।
बैठक में डीएम डा.सुरेन्द्र कुमार, सीडीओ अखिलेश तिवारी, एडीएम पीके जैन, एसडीएम आरआर प्रजापति, सीएमओ डा.जीसी श्रीवास्तव, पीडी पीके पांडेय, संयुक्त विकास आयुक्त एनएन राय आदि अधिकारी मौजूद रहे।