सिद्धार्थनगर। शहर से करीब 32 किमी दूर इटवा रोड पर रमवापुर कली में औद्योगिक ईकाइयां लगाने की पहल हुई है। करीब 30 वर्ष पहले यहां सुगर मिल थी, लेकिन मिल बंद होने के बाद वहां दो हेक्टेयर जमीन है, जहां उद्योग की नीव डाली जा सकती है। यदि उद्योग लगते हैं तो विकास का पहिया तेजी से आगे बढ़ेगा।
गोरखपुर मंडल विकास निगम की दो हेक्टेयर जमीन खाली पड़ी हुई है। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने इस जमीन के रिकॉर्ड की जांच कराई है। जिलाधिकारी ने निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर औद्योगिक विकास के लिए इस जमीन की मांग की है। उन्होंने इस जमीन को उद्यमिता विकास केंद्र के नाम करने का प्रस्ताव भेजा है। प्रशासन की योजना है कि इस जमीन को मिलने के बाद यहां उद्योग का विकास हो सकता है। दो हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए आसपास की जमीन को भी खरीदा जा सकता है।
जिले में इन्वेस्टर्स समिट में 215 उद्यमियों व व्यापारियों ने दस हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने का अनुबंध किया है। इनमें से ज्यादातर उद्यमी जमीन के अभाव में उद्योग की नीच डालने के लिए कदम नहीं बढ़ा पा रहे हैं। सितंबर में प्रस्तावित उद्योगों को धरातल पर उतारने का लक्ष्य है। इस कारण प्रशासन ने इस जमीन को प्राप्त करने का प्रस्ताव भेजा है।
अनिवासी भारतीय उद्यमी काजी मुख्तार अहमद ने कहा कि इटवा रोड पर उद्योग लगेगा तो इस क्षेत्र में विकास होगा और उद्यमियों, व्यापारियों को भी आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। उपायुक्त उद्योग दयाशंकर सरोज ने बताया कि सुगर मिल की जमीन प्राप्त करने के प्रशासन ने प्रस्ताव भेजा है।
शुगर मिल की जमीन पर उद्योग स्थापित होगा तो स्थानीय क्षेत्र का भी विकास होगा। जहां उद्योग था, वहां उद्योग लगाना ही बेहतर विकल्प है।
-आनंद छापड़िया, व्यापारी इटवा
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इटवा में औद्योगिक इकाइयां लगेंगी तो पूरे जिले के विकास का रास्ता खुलेगा। जिले में उद्योग का अभाव है, जबकि काफी संख्या में युवा प्रवासी हैं।
-चिनकाऊ पाल, व्यापारी पहाड़पुर, इटवा
वर्जन
इटवा क्षेत्र के रमवापुर कली की जमीन को उद्योग विभाग के नाम करने का प्रस्ताव भेजा गया है। यह जमीन मिल जाएगी तो मध्यम व भारी उद्योग शुरू करने का रास्ता आसान हाे जाएगा।
जयेंद्र कुमार, सीडीओ