भारत-नेपाल सीमा पर 48 हजार की हुई स्क्रीनिंग
डेढ़ माह से पांच चेक पोस्ट पर इस प्रकार की प्रक्रिया जारी
विदेशों से आए 13 व्यक्तियों की हो रही मॉनिटरिंग
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। कोरोना वायरस को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता दिनोंदिन तेज कर दी गई है। इंफ्रारेड थर्मामीटर की उपलब्धता के बाद सघन जांच-पड़ताल की जा रही है। डेढ़ माह में जिले के पांच चेक पोस्ट पर नेपाल से आवागमन करने वाले 48 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इस दौरान विदेशों से अब तक 28 व्यक्ति आए हैं जिनकी निगरानी स्वास्थ्य महकमा कर रहा था। मौजूदा समय में अब 13 की मॉनिटरिंग की जा रही है।
नेपाल सीमा से सटे इस जिले में कोरोना वायरस संक्रमित किसी भी संदिग्ध को देश में घुसने से रोकने के लिए शासन के साथ प्रशासन भी पूरी ताकत झोंक दी है। डीएम, एसपी और सीएमओ की ओर से पैनी नजर रखी जा रही है। जागरूकता कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है। एसएसबी, कस्टम के सहयोग से दोनों देशों से आने जाने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। बॉर्डर स्थित चेक पोस्ट कपिलवस्तु, ककरहवा, बढ़नी, चमनगंज, खुनुवां में बीते 29 जनवरी से 20 मार्च के बीच कुल 48 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इस दौरान कोई व्यक्ति संदिग्ध नहीं पाया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बर्डपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध चंद्रा ने बताया कि टीम में शामिल कर्मी सांस लेने, फीवर, कफ आदि की समस्याएं होने के साथ किसी भी तरह के लक्षण पर खास नजर रख रहे हैं।
सीएमओ कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम में तैनात महामारी रोग विशेषज्ञ समीर सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस का मामला आने के बाद जिले में अब तक 28 व्यक्ति विभिन्न देशों से आए जिनका समयबद्ध निगरानी की जा रही है। इस समय 13 ऐसे हैं, जिन पर पैनी नजर रखते हुए उनकी प्रत्येक गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जा रही है।