सिद्धार्थनगर। बारिश में कुछ कमी होने के कारण नदियों के बढ़ने की रफ्तार कुछ कम हुई है। जिले में शुक्रवार को राप्ती व बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई लेकिन एक दिन पहले बुधवार की अपेक्षा बढ़त कम रही। मौसम विभाग के अनुसार बारिश कम होने का पूर्वानुमान है। यदि नेपाल की पहाड़ियों में बारिश कम हुई तो नदियों के किनारे बसे लोगों की चिंता कम हो जाएगी।
जिले में राप्ती नदी खतरे के निशान से चेतावनी स्तर से एक मीटर नीचे हैं, जबकि राप्ती और बूढ़ी राप्ती करीब आधा मीटर ऊपर चढ़ी है। हालांकि, ये बढ़त आठ घंटे के भीतर की है। इस कारण बांधों के किनारे बसे गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। उनकी चिंता है कि नेपाल की पहाड़ियों से पानी आया तो दो-तीन में ही नदियाें से ताबही शुरू हो सकती है।
प्रभावित गांवों के लोगों की चिंता बढ़ी
सिद्धार्थनगर।पिछले तीन दिनों से हो रही रुक रूक कर बारिश के बीच राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।नदी के बढ़ते पानी को देख जहां लोग बाढ़ की आशंका से दहशत में हैं, वहीं नदी के किनारे स्थित मदरसा के साथ करीब एक दर्जन से अधिक घरों पर खतरा मड़राता दिख रहा है।
शुक्रवार को डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के भरवठिया एहतमाली गांव के पास से होकर बहने वाली राप्ती के जलस्तर में वृद्धि होने के कारण गांव के लोग दहशत में हैं। गांव के वसीम,मोबीन,अब्दुल बारी,अबुशमां ने बताया कि हम लोगों के घर से मात्र छ: से आठ मीटर की दूरी तक नदी पहुंच चुकी है,वही बगल में स्थित मदरसा महेतुल्इस्लाम के अस्तित्व पर भी राप्ती में विलीन होने की आशंका बनी हुई है।इस संबंध में एसडीएम डुमरियागंज प्रवेंन्द्र कुमार ने कहा कि बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार है।राप्ती के बढ़ते जलस्तर पर भी राजस्व कर्मी नजर बनाए हुए हैं, फिलहाल अभी बाढ़ जैसी स्थित नहीं है।
नदियां का जलस्तर (मीटर में)
नदी खतरे का स्तर बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे, बृहस्पतिवार शाम 4 बजे
राप्ती 84.900, 82.820, 82.900
बूढ़ी राप्ती 94.550 , 91.760, 92.270
कूड़ा 83.520 , 85.300, 85.300
घोंघी 87.000 , 84.950, 84.950
बानगंगा 93.420 , 89.600, 89.500