संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। आपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान पर हुई कार्रवाई और नेपाल बॉर्डर को घुसपैठ का रास्ता बनाने के इनपुट के पास बॉर्डर पर लगातार चौकसी बढ़ाई जा रही है। चेकिंग के साथ कैमरे से निगरानी पर फोकस बढ़ा दिया गया है।
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगे सीसी कैमरों को अपडेट करने के साथ ही सीमा पर कुछ और कैमरे बढ़ाए गए हैं। वहीं, पहचान पत्रों की जांच और गहनता से की जा रही है। सुरक्षा से जुड़े सूत्रों की मुताबिक, कैमरे से निगरानी के साथ ही बैकअप की जांच पर जोर दिया जा रहा है। इससे संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की और गहनता से जांच की जा सके। वहीं, सुरक्षा एजेंसी नियमित बार्डर पर गश्त कर रही हैं। साथ ही कई एजेंसी अपने-अपने स्तर पर जांच कर रही हैं।
जिले की 68 किलोमीटर सीमा जो नेपाल बार्डर से लगा हुआ है। वहां पर सुरक्षा एजेंसी के लोग नियमित जांच करते हैं। पर बीते वर्ष में संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद सीमा संवेदनशील हो गई है। क्योंकि सीमा खुली होने के कारण देश विरोधी तत्व इसका प्रयोग कर सकते हैं। ऐसा खुफिया एजेंसी को समय- समय पर इनपुट मिलता है। उसी हिसाब से जांच और तेज कर दी जाती है।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान की आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इसके बाद बाॅर्डर पर चौकसी और बढ़ा दी गई। इसी बीच प्रशिक्षित पाकिस्तानी और बांग्लादेशी आतंकियों के घुसपैठ का इनपुट सुरक्षा एजेंसी को मिलने के बाद जांच और सुरक्षा कर्मियाें की संख्या बढ़ा दी गई। नियमित सीमा पर गश्त किया जा रहा है। वहीं, सुरक्षा से जुड़े सूत्रों की माने तो पिछले कई दिनों से कई स्तर से निगरानी की जा रही है।
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसी कैमरों को चेक किया जा रहा है कि काम कर रहे हैं या फिर नहीं। जो काम नहीं कर रहे हैं। उन्हें अपडेट किया जा रहा है और बैकअप सुरक्षित रखने के लिए कहा जा रहा है।
इसी प्रकार से सुरक्षा एजेंसी की ओर से लगाए गए कैमरों से निगरानी तेज करने के साथ एक माह का बैकअप सुरक्षित किया जा रहा है। सूत्रों की माने घुसपैठ के इनपुट के बाद से अलर्ट बढ़ा है, जिससे नापाक इरादा रखने वाले देश को नुकसान न पहुंचा सकें।