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Siddharthnagar News: बुखार और जुकाम के बढ़े मरीज, टाइफाइड का भी खतरा

Tue, 28 Jul 2026 02:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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4 से 5 दिन मेडिकल स्टोर से दवा लेने पर बिगड़ जा रही स्थिति, पहुंच रहे अस्पताल
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बोले विशेषज्ञ ब्लड जांच में हो रही है टाइफाइड की पुष्टि अभी और बढ़ेगा संक्रमण
सिद्धार्थनगर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव, उमस और बीच-बीच में हो रही बारिश का असर मेडिकल कॉलेज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दिखने लगा है। ओपीडी में बुखार और जुकाम से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसमें बुखार को नजरअंदाज करने वालों की जांच में टाइफाइड की भी पुष्टि हो रही है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि चार से पांच दिन तक लोग मेडिकल स्टोर से अपनी मर्जी से दवा लेकर बुखार दबाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे बीमारी की सही पहचान देर से हो रही है और मरीजों की हालत बिगड़ने पर ही अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लगातार तीन से पांच दिन तक बुखार बना रहे तो इसे सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि समय पर इलाज न मिलने से टाइफाइड गंभीर रूप ले सकता है। मौसम का यह संक्रमण अभी थमने वाला नहीं है और बारिश बढ़ने के साथ मरीजों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका है।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में सामान्य दिनों की तुलना में ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसमें जहां सामान्य दिनों में 1200-1500 ओपीडी होती थी। अब यह बढ़कर 1800-2000 के करीब पहुंच गई है। इन मरीजों में के बारे में जानकारी ली गई तो पता चल रहा है कि वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम से पीड़ित अधिक हैं। डॉक्टरों ने जब हिस्ट्री ली तो पता चला कि शुरुआत में मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा रहे थे। जब दिक्कत बढ़ी तो मेडिकल कॉलेज या सीएचसी पहुंच रहे हैं। खून की जांच में टाइफाइड की पुष्टि हो रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक टाइफाइड के शुरुआती लक्षण काफी हद तक सामान्य बुखार जैसे दिखते हैं। यही वजह है कि अधिकतर लोग बिना जांच कराए एंटीबायोटिक या बुखार की दवा लेकर राहत पाने की कोशिश करते हैं। कुछ दिनों तक दवा लेने के बाद जब तेज बुखार, कमजोरी, भूख न लगना, सिरदर्द और पेट संबंधी दिक्कतें बढ़ जाती हैं, तब मरीज अस्पताल पहुंचते हैं।
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दूषित पानी, संक्रमित भोजन से बचें
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि वायरल अभी और बढ़ेगा। ऐसे में सतर्कता बहुत जरूरत है। बरसात के मौसम में दूषित पानी और संक्रमित भोजन टाइफाइड फैलने का प्रमुख कारण है। खुले में रखे खाद्य पदार्थ, बिना उबाला पानी पीना और सफाई में लापरवाही संक्रमण का खतरा बढ़ा देती है। ऐसे मौसम में खानपान और स्वच्छता को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है। उन्होंने बताया कि लगातार तीन दिन से अधिक बुखार रहने, तेज कमजोरी महसूस होने या दवा खाने के बाद भी आराम न मिलने पर तुरंत सरकारी अस्पताल या विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें। बिना सलाह के एंटीबायोटिक लेने से बीमारी दब तो सकती है लेकिन पूरी तरह ठीक नहीं होती और बाद में गंभीर रूप ले सकती है।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. एसएन उपाध्याय ने बताया कि दवाओं की व्यवस्था है। मौजूद सुविधाओं में मरीजों के बेहतर इलाज का प्रयास किया जा रहा है।
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ऐसे करें बचाव
केवल उबला या शुद्ध पानी ही पिएं।
खुले में बिकने वाले कटे फल और दूषित भोजन से बचें।
खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं।
बुखार तीन दिन से अधिक रहे तो ब्लड जांच जरूर कराएं।
बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें।
बच्चों और बुजुर्गों में बुखार को बिल्कुल नजरअंदाज न करें।
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