नगर पालिका चेयरमैन व पूर्व जिला महासचिव मो. जमील अहमद सिद्दीकी और उनके भाई नौगढ़ के नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख शफीक अहमद को सपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियां करने और बयानबाजी का आरोप है।
जिला संगठन की रिपोर्ट के बाद प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह कार्रवाई की है। सपा नेतृत्व की इस कार्रवाई ने जिले के सियासी हलके में भूचाल ला दिया है। चंद दिनों पहले ही पार्टी ने डुमरियागंज से एक प्रभावी नेता का टिकट काट दिया था और अब सिद्धार्थनगर के चेयरमैन व ब्लॉक प्रमुख के निष्कासन से राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
नगर पालिका चेयरमैन बनने के बाद से मो. जमील अहमद का रुतबा तेजी से बढ़ा है।
बेहद कम समय में ही वह जिले में पार्टी के युवा चेहरों की अग्रिम पंक्ति में गिने जाने लगे थे। पार्टी में गहरी पैठ का ही असर था कि ब्लॉक प्रमुख चुनाव में नौगढ़ ब्लॉक से संजू सिंह को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बावजूद वह अपने भाई शफीक अहमद के पक्ष में शीर्ष नेतृत्व को राजी कर इस सीट पर फ्री फाइट कराने में कामयाब रहे थे।
वह भी तब, जब पार्टी के ही कई वरिष्ठ लोग खिलाफत में लगे हुए थे। बहरहाल, जीत का यह अति उत्साह ही चेयरमैन व उनके भाई को भारी पड़ गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक 18 मार्च को ब्लॉक प्रमुख पद के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान चेयरमैन ने भाषण में कई पदाधिकारियों को आड़े हाथों लिया था।
खुले मंच से यह कहा था कि पार्टी पदाधिकारियों व कुछ जनप्रतिनिधियों के विरोध के बावजूद वह चुनाव जीते हैं तो सिर्फ अपने बूते। भाषण में उन्होंने इन पदाधिकारियों पर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे।
जिला संगठन ने इस भाषण की रिकॉर्डिंग को शीर्ष नेतृत्व के समक्ष पेश कर दिया, जिसे सुनने के बाद आलाकमान ने निष्कासन की कार्रवाई कर दी। सोमवार देर शाम प्रदेश प्रवक्ता के हवाले से निष्कासन की खबर मीडिया में आई तो खलबली मच गई।
प्रदेश के एक बड़े नेता का बेहद करीबी होने के बावजूद चेयरमैन पर इस कार्रवाई से हर कोई अचंभित रहा। जिलाध्यक्ष अजय चौधरी का कहना था कि इस बारे में पत्र आ चुका है। अनुशासनहीन आचरण, पार्टी विरोधी गतिविधियों व गलत बयानबाजी के कारण नेतृत्व ने यह कार्रवाई की है।
उन्होंने स्वीकार किया कि भाषण में पार्टी विरोधी बयान दिए गए थे, जिसकी रिकॉर्डिंग पार्टी हाईकमान को भेजा गया था। संभवत: उसी के संज्ञान में यह कार्रवाई हुई है।