सिद्धार्थनगर के शासन की तमाम हिदायतों के बावजूद अवैध बालू खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है।
लोटन ब्लाक में कूड़ा नदी के घाटों पर धड़ल्ले से बालू की निकासी अवैध रूप से जारी है। सरेआम यह कारोबार होने के बाद भी जिम्मेदारों की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है। अवैध खनन से न सिर्फ राजस्व की क्षति हो रही है, बल्कि तनाव भी बढ़ रहा है।
लोटन ब्लाक में कूड़ा नदी के कौलपुर ग्रांट, बभनी, रामनगर, तिघरा, तिलसड़ी सहित कई स्थानों से बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। साइकिल, ठेला, बग्घी पर बालू लाद कर चालीस रुपये सीमेंट की प्रति बोरी के हिसाब से पहुंचाया जा रहा है। कई जगह तो बालू बड़े पैमाने पर स्टाक कर 3500 से चार हजार रुपये ट्राली बेची जाती है। कौलपुर ग्रांट में ही बड़े पैमाने पर खनन हो रहा है।
जानकारों के मुताबिक एक सफेदपोश की शह पर यहां खनन का धंधा बदस्तूर जारी है। सुबह चार बजे से दस बजे और शाम तीन से सात बजे तक खनन कराया जाता है। जिम्मेदार लोग इस खनन के बारे में बखूबी जानते हैं, फिर भी चुप्पी साधे हुए हैं। ग्रामीण प्रमोद, आकाश, लोरिक, पहलवान, प्रभुदयाल का कहना है कि अगर हम निजी कार्य के लिए एक-दो बोरी लाते हैं तो पुलिस परेशान करती है, लेकिन वहीं बालू माफिया दिन-रात खनन कर रहे हैं उन पर कार्रवाई नहीं होती।
इस मामले में उप जिलाधिकारी नौगढ़ राजित राम प्रजापति से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इसके पहले खनन के बार में कोई जानकारी नहीं थी। अगर खनन हो रहा है तोकार्रवाई की जाएगी। एडीएम पीके जैन का कहना है कि मामला संज्ञान नहीं है। अगर ऐसा है तो जांचकराई जाएगी।