सिद्धार्थनगर। अब अस्पताल और क्लीनिक पर डॉक्टर का नाम और अस्पताल के रजिस्ट्रेशन सहित अन्य जानकारी का बोर्ड लगाना होगा। निरीक्षण में अस्पताल से जुड़ी जानकारी संबंधित बोर्ड नहीं मिली तो जांच अधिकारी अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए कार्रवाई करेंगे। अवैध अस्पतालों पर शिकंजा कसने के लिए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
जिले में बड़े पैमाने पर नामी डॉक्टरों का बोर्ड लगाकर अवैध रूप से हाॅस्पिटल और क्लीनिक संचालित हो रहा है। आए दिन अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत का मामला सुर्खियों में रहता है। जांच में न तो डॉक्टर मिलते हैं और न ही अस्पताल का पंजीकरण मिलता है। इसे संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिया है कि हर अस्पताल पर इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम, रजिस्ट्रेशन सहित अन्य जानकारियों से जुड़ा बोर्ड लगवाया जाए। निरीक्षण में जिस अस्पताल पर बोर्ड नहीं मिलता है, उसका लाइसेंस निरस्त करने की भी कार्रवाई की जाए। मिले आदेश के बाद स्वास्थ्य महकमे ने अस्पताल के संचालन से संबंधित पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि नियम का पालन नहीं करने वाले पर कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल के बोर्ड में यह जानकारी जरूरी
प्रत्येक नैदानिक स्थापनों की ओर से अपने चिकित्सालय परिसर में अपनी चिकित्सा इकाई का रजिस्ट्रेशन नंबर, संचालक का नाम, बेड की संख्या, औषधि की पद्धति एवं चिकित्सालय की ओर से प्रदान की जा रही सेवाओं तथा चिकित्सा कर्मचारी, चिकित्सक, नर्स आदि का विवरण 5.3 15 वर्ग फुट का एक डिस्प्ले बोर्ड जिसका बैक ग्राउंड पीला एवं फारमेट हिन्दी अक्षर रंग काला के अनुसार स्पष्ट अक्षरों में चिकित्सालय के मुख्य द्वार के पास प्रदर्शित करेंगे। प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु का अनिवार्य रूप से शत-प्रतिशत पंजीकरण सीआरएस पोर्टल पर करते हुए इसकी सूचना प्रतिमाह मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में प्रेषित करेंगे।
यह भी अनिवार्य
शासन के मंशानुसार सरकारी चिकित्सालयों में आने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड कराया जाना है। जिसके क्रम में सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओर से पीएमएसएमए दिवस में ई-रूपी बाउचर जेनरेट कर पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केन्द्र को भेजा जाएगा। जहां पर गर्भवती महिला का अल्ट्रसाउंड किया जाएगा। आदेश का का अनुपालन नहीं करने पर संबंधित प्रतिष्ठान का पंजीकरण निरस्त किया जा सकता है।
हर हास्पिटल, क्लिनिक और अस्पताल पर बोर्ड लगाना अनिवार्य है। इसमें इलाज करने वाले चिकित्सक के नाम और डिग्री सहित अन्य जानकारियों से जड़ा बोर्ड में रहेगा। जिस अस्पताल पर बोर्ड नहीं मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा।
डॉ. संजय कुमार गुप्ता, डिप्टी सीएमओ