कार्यालयों में बाहरी लोगों के बढ़ते हुए दखल को देखते हुए शासन ने दिखाई सख्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अब तहसील और कलक्ट्रेट कार्यालय में बाहरी व्यक्ति व निजी कर्मी कार्य करते मिलेंगे तो अफसरों पर कार्रवाई की होगी। क्योंकि इन कार्यालयों में बाहरी व्यक्ति से काम कराने की शिकायत को शासन ने संज्ञान में लिया है। इसलिए प्रदेश भर के लिए सख्त हिदायत दी है कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति है तो उसे बाहर किया जाए। इसकी निगरानी की जा रही है। मामला पकड़ में आने के बाद संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। यह कहना गलत नहीं होगा कि तहसील और कलक्ट्रेट कार्यालयों बाहरी व्यक्तियों का कब्जा है। बिना उनके कोई काम नहीं हो सकता हैं।
तहसील कार्यालय और कलक्ट्रेट में हर पटल पर कोई न कोई ऐसा व्यक्ति मिल जाएगा जो कर्मचारी नहीं है, लेकिन पूरा काम वही करता है। काम कराना होता तो लीगल व्यक्ति उसी के पास भेजेगा। अगर उससे बात बनी तो आपका काम हो जाएगा। यह गलत नहीं सोलह आने सच है। अगर आप इन कार्यालयों में गए होंगे तो जरूर जानते होंगे। इन्हीं की ओर से पूरे सिस्टम को कंट्रोल और कार्य के लिए आने वालों का आर्थिक शोषण करते हैं। इस दोनों कार्यालयों में बाहर व्यक्तियों की गड़बड़ी की शिकायत लगातार पहुंची रही हैं। ऐसा शासन का मानना है।
शासन ने इसे गंभीरता से लिया है और बाहरी व्यक्तियों जैसे बाहरी व्यक्ति व निजी कर्मी व प्राइवेट कर्मी नहीं कर सकते हैं। अगर ऐसा किसी कार्यालय में हो रहा है तो तत्काल बाहर किया जाए। क्योंकि इसकी जांच की जाएगी। जांच के दौरान संबंधित पटल को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को शासन की ओर से पत्र आया है। इसके बाद जल्द ही जांच करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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हुई इंट्री बेच लिए लैपटॉप
डुमरियागंज तहसील में दो बाहरी कर्मियों को कंप्यूटर पर काम करने के लिए आए थे। इंट्री करने के बाद वर्ष 2019 में दो लोगों ने मिलकर 32 लैपटॉप चोरी कर लिए जो किसी काम के लिए तहसील में आया था। इसके बाद इनके खिलाफ डुमरियागंज पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके अलावा एक मामला शोहरतगढ़ तहसील में सामने आया था। इसमें उस पर आरोप था कि उसने किसी कागजात को लीक किया था।
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इस प्रकार से बाहरी करते हैं काम
एक सरकारी कर्मी के मुताबिक तहसील में छोटे से कर्मचारी से लेकर बड़े कर्मचारी के तक के पास एक निजी व्यक्ति काम करता है। जो उसका पूरा काम संभालता है। यहां तक की मोहर की जरूरत नहीं होती है। केवल हस्ताक्षर का काम होने के कारण बाहरी व्यक्ति हस्ताक्षर भी कर देते हैं। यह सिर्फ तहसील कार्यालय का हाल नहीं है। बल्कि में भी खूब चलता है। अगर जांच हुई तो बड़े पैमाने पर लोग पकड़ में आएंगे।