सिद्धार्थनगर। मनरेगा के योजना के तहत जमुआर नाले के जीर्णोद्वार की परियोजना का आगणन रिपोर्ट के संबंध में जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। इसमें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी डाॅ. राजा गणपति आर को सहायक अभियंत सरयू ड्रेनेज खंड की ओर से अवगत कराया गया कि सरयू ड्रेनेज खंड-2 सिद्धार्थनगर के नियंत्रणाधीन जमुआर नाला तहसील शोहरतगढ़ के बजहा ताल से निकलकर नौगढ़ तहसील के ब्लाॅक उसका के गाम फुलवरिया के निकट कूड़ा नदी में गिरता है। इसकी कुल लंबाई 60.300 किमी है।
जमुआर नाले के समरेखन में चार विकास खंड और 29 ग्राम है। सहायक अभियंता ने अवगत कराया कि उसका के आगे पानी भरा हुआ है, मनरेगा से कार्य कराया जाना संभव नहीं है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि 17 किमी का प्रस्ताव बनाकर शासन को प्रेषित करें। इसके साथ ही खण्ड विकास अधिकारी शोहरतगढ़ और बर्डपुर को निर्देश दिया कि सचिव एवं टीए बैठक कर प्रस्ताव तैयार कर लें। जिलाधिकारी ने सहायक अभियंता सरयू ड्रेनेज खंड को निर्देश दिया कि ग्राम सचिव, टीए और ग्राम प्रधान की बैठक करा लें।