-शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का टोटा
संवाद न्यूज एजेंसी
शोहरतगढ़। गर्मी में यात्रियों को पेयजल के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर वाटर कूलर न होने से लोगों को शीतल पेयजल मयस्सर नहीं है।
स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को भीषण गर्मी में अपना गला तर करने के लिए बोतल बंद पानी का सहारा लेना पड़ता है। कहने को तो इसे मॉडल स्टेशन का नाम दे दिया गया है, लेकिन यात्री सुविधाओं के नाम पर यहां अभी लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। जो यात्री बोतल बंद पानी नहीं खरीद सकते उन्हें टोंटी से आने वाले गर्म पानी का ही सहारा रहता है।
शोहरतगढ़ स्टेशन से हर दिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। यहां कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव भी होता है। प्लेटफाॅर्म नंबर-एक व दो पर स्वच्छ पेयजल के लिए टोंटी लगाई गई है, लेकिन इनसे जल की आपूर्ति ओवरहेड टैंक से होती है। इसके चलते लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए गर्म पानी ही मिल पाता है।
प्लेटफाॅर्म नंबर दो पर लगी टोंटी से भी पानी नहीं आ रहा और यहां छाजन भी नहीं है। वाटर कूलर न होने से यात्रियों को ठंडा पानी पीने के लिए दुकान से 20 रुपये में बोतल बंद पानी खरीदना पड़ता है। वहीं जिसकी क्षमता बोतल बंद पानी खरीदने की नहीं है, उन्हें पेयजल के लिए प्लेटफाॅर्म नंबर-दो से पुल पार कर प्लेटफाॅर्म नंबर-दो पर आना पड़ता है।
बोले यात्री
यात्री विमलेश, अजय, किसलावती, सुमन, अमृता, विमलावती, मुकेश आदि ने बताया कि स्टेशन पर लगी टोंटी से गर्म व खारा पानी आता है। एक वाटर कूलर लगा है जो अक्सर खराब रहता है। मजबूरन कैंटीन से 20 रुपये में पानी खरीदना पड़ता है। प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पानी की व्यवस्था नहीं है, टोंटी खराब है और छाजन भी नहीं है। धूप में बैठकर यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है, और पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
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वर्जन-
शीतल पेयजल के स्टेशन पर एक वाटर कूलर लगा है। गर्मी के मौसम में यात्रियों को ठंडा पानी मुहैया कराने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद स्टेशन पर वाटर कूलर लगाया जाएगा।
-सद्दाम हुसैन, स्टेशन अधीक्षक