इटवा में मोबाइल के लिए टावर पर चढ़ी युवती।
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इटवा। मां-बाप ने मोबाइल फोन नहीं दिलाया तो युवती के 60 फीट ऊंचे फोन टॉवर पर चढ़ जाने से जहां घर वाले हलकान रहे वहीं पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड टीम मुस्तैद रही। इस बीच अफरा तफरी में घिरे गांव के लोगों ने टॉवर के नीचे युवती की सुरक्षा के लिहाज से पुआल की परत-दर-परत बिछानी शुरू कर दी। फोन का भरोसा मिलने के बाद जब युवती नीचे आई तो लोगों की सांस में सांस आई।
घटनाक्रम इटवा थाना क्षेत्र के ग्राम दुफेड़िया का है। यहां मजदूरी करके जीवन यापन करने वाले एक शख्स की 18 वर्षीय बेटी को सोमवार दोपहर अचानक कुछ लोगों ने डब्लूएलएल (वायरलैस इन लोकल लूप) फोन सेवा के लिए लगाए गए टॉवर पर चढ़े देखा। युवती के चिल्लाने से ध्यान उधर गया तो बातचीत की कोशिश के बीच शिनाख्त मुकम्मल होने पर उसके घर वालों को सूचना दी। घर वालों के पहुंचते ही युवती ने मोबाइल फोन न दिलाए जाने के कारण टॉवर पर चढ़ने की बात कही। यह भी कहा कि फोन मिलने पर ही नीचे उतरेगी। गांव वालों की सूचना पर एसओ रणधीर कुमार मिश्र, शाहपुर चौकी के विजय यादव, फायर ब्रिगेड डुमरियागंज की टीम कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गई।
माइक से युवती को समझाने और नीचे उतरने की कोशिश की लेकिन वह फोन की जिद पर अड़ी रही। अनहोनी की आशंका में ग्रामीणों ने टॉवर के नीचे भारी मात्रा में पुआल रखना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे बाद घर वालों और पुलिस ने फोन दिलाने का भरोसा दिया, तब वह नीचे आई। एसओ रणधीर कुमार मिश्र का कहना है घर वाले उसे मानसिक रूप से कमजोर बता रहे हैं। हालांकि कमजोर मस्तिष्क के बीच 60 फीट ऊंचे टॉवर के टॉप तक पहुंच पाने की बात सहज गले नहीं उतर रही है।