-बांसी तहसील क्षेत्र के बेलवा लगुनही (बेलौहा) में खलिहान भूमि पर कब्जे का मामला
-सड़क किनारे स्थित सरकारी भूमि अवैध तरीके से किए पट्टे के विरुद्ध हुई है कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बांसी में सिर्फ सड़क किनारे की बंजर भूमि का अवैध पट्टा नहीं किया गया बल्कि यहां खलिहान की भूमि पर भी कब्जा कर मकान बना लिए गए हैं। बेलवा लगुनही (बेलौहा) में बांसी-गोरखपुर मार्ग किनारे स्थित बंजर भूमि का नियम विरुद्ध तरीके से हुआ पट्टा खारिज होने के बाद खलिहान भूमि कब्जा मुक्त कराने का मुद्दा गरमाने लगा है। दबी जुबान से लोग पूर्व में हुए आवासीय पट्टा में बड़े पैमाने पर धन उगाही किए जाने के भी आरोप लग रहे हैं।
ग्रामसभा कुर्थिया एवं बेलवा लगुनही (बेलौहा बाजार) में वर्ष 2022 एवं 2023 में सड़क किनारे की सरकारी भूमि अपात्रों को आवासीय पट्टा कर देने का खुलासा हो चुका है। राजस्व ग्राम बेलवा लगुनही में खलिहान की 471 एयर भूमि पर बिना पट्टा के ही कब्जा कर पांच से अधिक मकान लिए गए है। इसमें कुछ हिस्सा पर ग्राम पंचायत की तरफ से खेल मैदान बनाया गया है, यह भी नियम विरुद्ध है। ग्रामीणों ने तीन माह पूर्व इसकी शिकायत भी की थी लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। दो गांवों में बेस कीमती सरकारी भूमि का 103 अपात्रों को किया आवासीय पट्टा निरस्त कर दिया गया और चार राजस्वकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। डीएम डॉ. राजागणपति आर के निर्देश पर हुई कार्रवाई के बाद से ही यहां पर खलिहान की भूमि कब्जा किए जाने का मामला गर्माने लगा है।
बेलौहा में ही हुआ सर्वाधिक कब्जा
बांसी खलीलाबाद मार्ग पर स्थित बेलौहा बाजार के रास्ते ही लोग गोरखपुर की भी यात्रा करते है। इस मार्ग पर जमीन का बहुत महंगी है। इसलिए बेलौहा कस्बा में सड़क किनारे स्थित सरकारी भूमि पर कब्जा करने की होड़ लग गयी। बंजर भूमि पट्टा कराने के साथ ही अन्य सरकारी भूमि कब्जा कर मकान बना लिए गए। इसमें खलिहान आदि भूमि जिनका न तो पट्टा हो सकता है और न ही उसके उपयोग में बदलाव हो सकता है उसे भी कब्जा कर निर्माण करा लिया गया। पहले चरण में यहां पर 47 अपात्रों को आवासीय पट्टा दिए जाने का खुलासा हुआ यहां पर 49 और अपात्रों को पट्टा दिए जाने का मामला सामने आया है।
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कई चरण में हुई धन उगाही
राजस्व ग्राम बेलवा लगुनही (बेलौहा बाजार) में बांसी गोरखपुर मार्ग किनारे बेशकीमती सरकारी भूमि पर कब्जा दिलाने के नाम पर अपात्र पट्टाधारकों से कई चरण में धन उगाही हुई। पहले बिना पट्टा के ही कब्जा कर मकान व दुकान बना लिए जाने की जानकारी होने पर राजस्व कर्मियों ने कार्रवाई न करने के बदले में धन उगाही की गयी। इसके बाद कब्जा वाली भूमि का अपात्रों को आवासीय पट्टा दे दिए जाने के लिए भी जमकर वसूली की गई। यहां तक कि जिस भूमि का पट्टा नहीं हो सकता अथवा भू उपयोग नहीं बदला जा सकता, उसे भी कब्जा कराने के नाम पर भी वसूली करने का मामला सामने आ रहा है। इसमें राजस्व कर्मियों के साथ ही बिचौलियों ने भी खूब मलाई काटी है।
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अपात्रों को पट्टा दिए जाने संबंधी शिकायतों की जांच एवं कार्रवाई जिला स्तरीय अधिकारियों के निर्देश पर हो रही है। आगे भी जांच एवं कार्रवाई होगी।
-प्रदीप कुमार यादव, एसडीएम बांसी