फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: बिगड़ रहा हार्मोन्स का संतुलन...घबराहट और बेचैनी के बढ़े मरीज

Fri, 13 Mar 2026 01:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी लेते मानसिक रोग विशेषज्ञ  डॉ. अफजल खान। 
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। अगर अचानक घुटन और बेचैनी हो रही है। कुछ अच्छा नहीं लग रहा है तो सतर्क हो जाएं क्योंकि, यह तनाव के शिकार होने का प्रमुख लक्षण है। पिछले कई दिनों से इस प्रकार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस तरह के रोगियों की संख्या बढ़ी है। आठ से 10 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

विशेषज्ञ के अनुसार, मौसम में बदलाव के कारण भी ऐसा होता है। इसके अलावा काम का दबाव और अन्य समस्या के कारण यह परेशानी होती है। फिलहाल कई दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, उससे भी यह समस्या हो सकती है।
पिछले कई दिनों से इस तरह की समस्याएं अधिकांश परिवार के लोग महसूस कर रहे हैं। सामान्य तरीके से रहने वाले व्यक्ति को अचानक बैचनी, कुछ अच्छा न लगना, कार्यस्थल पर बेरुखी और कमजोर व बीमार महसूस करना आदि समस्याएं हो रही हैं। फिलहाल इसमें कुछ लोग डर से ब्लड प्रेशर की जांच करवा रहे हैं तो कुछ घर पर ही समस्या से ग्रसित होने की चर्चा कर रहे हैं।
विज्ञापन

वहीं, कुछ लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस समस्या के बारे में जानने के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में पहुंचे। यहां पता चला कि इससे मिलते जुलते लक्षण के आठ से 10 रोगी पहुंचे हैं। इनमें कोई प्राइवेट या सरकारी नौकरी में है तो कोई पढ़ाई कर रहा है तो कोई अन्य सेक्टर से जुड़ा हुआ है। लोगों को दवा देने के साथ ही काउंसिलिंग की जा रही है। उन्हें घर पर शांत रहने के लिए कुछ और टिप्स दिए जा रहे हैं।
मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मो. अफजल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में बेचैनी और तनाव से ग्रसित मरीज आ रहे हैं। उनकी काउंसिलिंग कर दवाएं भी दी जा रही हैं लेकिन, जब मौसम में बदलाव होता है तो कुछ लोगों को इस प्रकार की समस्या उत्पन्न हो जाती है। हालांकि, यह लंबे समय तक नहीं रहता है। फिलहाल, अगर समस्या कई दिनों तक बनी है तो तत्काल मानसिक रोग विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें और उनकी सलाह के अनुसार दवा लें। लापरवाही में बीमारी का रूप ले लेगा और समस्या बढ़ जाएगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें