घोसियारी। खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र के कपियवा गांव में कई परिवारोंं को अभी तक सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इन परिवारों के पास न खेती योग्य जमीन है और न ही रहने को पक्का घर। ऐसे में उक्त परिवार झोपड़ी में बसर करने को मजबूर हैं।
सभी पात्रों तक आवास योजनाओं का लाभ पहुंचाने की जद्दोजहद पर, सरकारी मशीनरी व जनप्रतिनिधियों की लापरवाही कहीं-कहीं भारी पड़ती दिख रही है। गांव निवासी सुमित्रा अपने छह बच्चों व बूढ़ी मां के साथ जर्जर झोपड़ी में रह रही है। सुमित्रा के पति रामफेर ईंट-भट्ठे पर दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और उसी से पूरे परिवार का भरण पोषण होता है।
कृषि योग्य भूमि भी न होने और केवल एक दिहाड़ी पर गुजारा करने वाले इस परिवार को अभी तक सरकारी आवास नहीं मिल पाया है। इसी गांव की रीता पत्नी महेंद्र अपने दो बच्चों के साथ झोपड़ी में रह रही है पति महेंद्र दिहाड़ी मजदूरी का कार्य करता है। सरकार की मंशा है कि हर गरीब का अपना आवास हो इसके लिए योजनाएं संचालित की गई हैं लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते गरीबों को झोपड़ी में रहना पड़ रहा है।
इस संबंध में बीडीओ विजय सिंह का कहना है कि अगर पात्र लोग आवास योजना का लाभ पाने से वंचित हैं तो जांच करा कर उन्हें आवास दिया जाएगा।