विकास भवन में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक लेतीं डीएम बी चंद्रकला।
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सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक शुक्रवार को डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में हुई। बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि पीएचसी व सीएचसी पर होने वाली डिलेवरी के दौरान प्रसूता महिलाओं के अच्छा व्यवहार करें।
उन्होंने कहा कि डिलेवरी होने के बाद आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराते हुए उन्हें 48 घंटे तक रोका जाए, जिससे प्रसूता को कोई खतरे की संभावना न रहे। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय से कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतान, शत-प्रतिशत समय से करें।
जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को मानक के अनुसार भोजन व फल दिया जाना जरूरी है, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वीकृत धनराशि का व्यय प्रत्येक स्तर पर करना सुनिश्चित करें।
सीएमओ डॉ.राजेंद्र कपूर ने बताया कि वर्ष 2015-16 में ब्लाक स्तर से निष्क्रिय आशाओं की कुल संख्या 104 प्राप्त हुई है। संबंधित आशा के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें निष्कासित कर नई आशाओं के चयन का निर्देश दिया गया है। सीडीओ अखिलेश तिवारी ने कहा कि गर्भवती महिलाएं जांच के लिए सरकारी अस्पतालों पर आती हैं।
उनसे जानकारी कर उनका बैंक खाता खोलवा दिया जाए, जिससे जननी सुरक्षा की प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय से किया जा सके। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, डीपीओ अजय कुमार त्रिपाठी, जिला कोऑर्डिनेटर स्वास्थ्य मिशन धीरज श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजेश कुमार श्रीवास्तव, डेटा प्रबंधक अमित कुमार के अलावा सभी पीएचसी व सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।