खेसरहा विकास क्षेत्र के मटियरिया गांव में जल जीवन मिशन के तहत दो वर्ष शुरू हुए पानी प्लांट का निर्माण हो जाने के बाद भी अब तक गांव वालों के घरों में पानी नहीं पहुंच सका है। निर्माण के दौरान ही पानी की सप्लाई के लिए सड़कें खोद कर पूरे गांव में पाइप लाइन भी बिछा दी गई थी, लेकिन सप्लाई फेल हो जाने के कारण तीन हजार की आबादी भीषण गर्मी में भी पेयजल की किल्लत से जूझने को मजबूर है।
गांव में हर घर जल पहुंचाने के लिए बने वाटरहेड टैंक से गांव के कई टोलों में पानी की सप्लाई ठीक से नहीं पहुंच रही हैं। भीषण गर्मी के कारण अधिकतर घरों के नल सूख गए हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी में अपनी प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी तरफ पंपहाउस के बगल में पानी टंकी बनाने के लिए कई महीनों पहले एक बड़ा सा गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे पंप हाउस के लिए बने कमरे की नींव कमजोर हो रही है। गांव के राम लगन, पुदीन, मनिराम, छोटू, हरिराम, रतन सिंह आदि ने गांव में हर घर तक पेयजल सप्लाई की मांग की है।
इस संबंध में बीडीओ विजय सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है, मौके का मुयाअना करा कर शीघ्र ही लोगों के घरों तक पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।
गांव के कई मोहल्लों में पानी की सप्लाई ठीक से नहीं पहुंच रही है। समय से व्यवस्थित तरीके से निर्माण किया गया होता तो ऐसी समस्या नहीं आती।
- इंद्रजीत गौतम, ग्रामवासी
पानी की सप्लाई शुरू न होने से पेयजल की समस्या से लोग जूझ रहे हैं, कोई भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
- राम बेलास, ग्रामवासी
-भीषण गर्मी में जलस्तर नीचे चला गया है, घरों में लगे नल से पानी नहीं आ रहा है। मजबूरन लोग दूषित जल पीने को मजबूर हैं।
- राम भोग,
ग्रामवासी