संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। ह्यूमन मेटा न्यूमो वायरस (एचएमपीवी) का लक्षण अब देश के बाद प्रदेश में भी मिल गया है। इससे लोगों में इस वायरस को लेकर डर सताने लगा है, लेकिन डॉक्टरों की मानें ताे इस वायरस से घबराना नहीं है, जबकि इससे बचने के लिए भीड़ से बचने के साथ ही पानी का सेवन अधिक करने की सलाह है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की मानें तो इस वायरस का लक्षण हर वर्ष ठंड में फैलता है। इसमें खास तौर पर जुकाम, खांसी, सीने में जकड़न होता है। ऐसे में डॉक्टर लोगों को मास्क पहनने की भी सलाह दे रहे हैं।
चिकित्सकों के मुताबिक लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। इससे बचाव का सबसे सहज तरीका ठंड के बावजूद लगातार पानी पीते रहना है। साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों से दूरी रखना आदि सावधानियां बरतना है।
डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि एचएमपीवी संक्रमण से ठंड लगने जैसे लक्षण उभरते हैं। इसमें सांस तंत्र के ऊपरी हिस्से में संक्रमण होता है। अगर किसी को संक्रमण हो गया तो तीन से छह दिन बाद पता चलता है।
इसमें बुखार, खांसी, नाक बहना, गले में खराश, थकान, सिरदर्द, एवं मांसपेशियों में दर्द होता है।
गंभीर रोगियों में घरघराहट, सांस लेने में तकलीफ एवं निमोनिया के लक्षण आते हैं, जबकि 10 दिन के अंदर इसका संक्रमण खुद ही ठीक हो जाता है।
चेस्ट रोग विभाग के डॉ. सीबी चौधरी ने कहा कि ठंड में जरूरत न महसूस होने, खांसी-जुकाम, बुखार होने के बावजूद नियमित अंतराल में गुनगुना पानी पीते रहें। शरीर में पानी की कमी न होने दें।
इससे शरीर में थक्का नहीं बनता और कमजोरी नहीं आती। वायरल संक्रमण से लड़ने में पानी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की सहायता करता है।