कपिलवस्तु। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में सोमवार को आयोजित होने वाले 10वें दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समारोह की अध्यक्षता प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। देर शाम वह विश्वविद्यालय पहुंच गईं। प्रशासन ने अंतिम रिहर्सल के साथ सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर में सोमवार को आयोजित होने वाले 10वें दीक्षांत समारोह को लेकर रविवार को अंतिम तैयारियां पूरी कर ली गईं। विश्वविद्यालय में विद्या परिषद और कार्य परिषद की बैठक के बाद संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास किया गया। कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद व विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत परिक्रमा के साथ समारोह की तैयारियों का जायजा लिया।
इस वर्ष कार्य परिषद में जनभवन की ओर से नामित नए सदस्य इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल कुमार और बापू महाविद्यालय पीपीगंज की प्राचार्य डॉ. मंजू मिश्रा भी पहली बार समारोह में शामिल होंगी। समारोह में कार्य परिषद के 19 तथा विद्या परिषद के 51 सदस्य सहभागिता करेंगे।
दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में पर्यावरणविद् डॉ. मधुलिका अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी मौजूद रहेंगी। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10 बजे वंदे मातरम् की प्रस्तुति से होगा और समापन राष्ट्रगान और विद्वत परिक्रमा के प्रत्यावर्तन के साथ होगा।
समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों के मेधावी विद्यार्थियों को कुल 37 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 13 डोनर स्वर्ण पदक शामिल हैं। विशेष बात यह है कि 13 विद्यार्थियों को दो या उससे अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त होंगे। इसके अलावा पीएचडी शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी तथा विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित आठ पुस्तकों का लोकार्पण, ‘दीक्षा उत्सव’ पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन, नव निर्मित बालगृह ‘किलकारी’ तथा दिव्यांगजन सुविधायुक्त डिजिटलाइज्ड लाइब्रेरी का लोकार्पण भी किया जाएगा। गोद लिए गए गांवों के बच्चों द्वारा पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट भी वितरित की जाएगी।
कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं बल्कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों, विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता और नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के समन्वय के साथ निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।