आई बाढ़ से प्रभावित नेपाल के त्रिशूली बाजार। स्रोत सोशल मीडिया
सिद्धार्थनगर-कपिलवस्तु। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से मची तबाही की खबर का असर भारत-नेपाल सीमा के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। रसुवा समेत नेपाल के कई हिस्सों में बाढ़ और सड़क-पुलों को नुकसान की जानकारी सामने आने के बाद नेपाल जाने वाले यात्रियों और कारोबारियों में बेचैनी बढ़ गई है। लोग यात्रा से पहले रास्तों की स्थिति की जानकारी लेने में जुटे हैं। वहीं सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने और संचार व्यवस्था प्रभावित होने की सूचना ने चिंता और बढ़ा दी है।
सीमा क्षेत्र के राम प्रताप मिश्र, देव प्रकाश, दुष्यंत आदि अन्य लोगों का कहना है कि रसुवा की घटना भले ही काफी दूर हुई हो लेकिन नेपाल के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति में इसका असर यात्रियों की आगे की यात्रा पर पड़ सकता है। ऐसे में लोग स्थिति सामान्य होने का इंतजार भी कर रहे हैं।
कारोबारियों की नजर माल की आवाजाही पर : व्यापारियों को आशंका है कि यदि नेपाल के अंदरूनी मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहे तो माल की आवाजाही में देरी हो सकती है।
सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क : सुरक्षा एजेंसियां नेपाल की ओर से आने वाली सूचनाओं पर भी नजर रख रही हैं। नेपाल की स्थिति को देखते हुए सूचनाओं का आदान-प्रदान भी महत्वपूर्ण हो गया है।
अपनों की चिंता ने बढ़ाई बेचैनी : लोग नेपाल में रह रहे रिश्तेदारों और परिचितों को फोन कर उनकी कुशलक्षेम जानने का प्रयास कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि नेटवर्क बाधित होने के कारण संपर्क नहीं हो पा रहा है।