सिद्धार्थनगर। सीएचसी पर लगाए गए हेल्थ एटीएम का मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। मरीजों को निजी केंद्रों पर जांच करवाना पड़ रहा है। जिसके लिए उन्हें जेब ढीली करनी पड़ रही है। सोमवार को लोटन सीएचसी में हेल्थ एटीएम बंद मिली। जबकि शोहरतगढ़ सीएचसी दो माह से मशीन खराब पड़ी है। मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है। सोमवार को सीएचसी की पड़ताल में निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के दावे की हकीकत सामने आई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोटन बाजार में दो साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी संजीव रंजन ने हेल्थ एटीएम का फीता काटकर उद्घाटन किया था। लेकिन मरीजों की मशीन से जांच नहीं हो पाई। ऐसे में मौजूद डॉक्टर जब जांच लिखते हैं तो प्राइवेट पैथालॉजी में मरीज मजबूर होकर जांच कराते हैं। सोमवार को ग्राम अजान निवासी दयाराम सिंह ने बताया कि अपनी सीबीसी जांच कराने गए। लेकिन मशीन खराब होने के कारण जांच नहीं हो पाई। मजबूरी में बाहर से जांच करवानी पड़ी।
क्षेत्र के नेतवर निवासनी बासमती ने बताया कि तमाम तरह की जांच होनी थी सोच कर चली थी कि अस्पताल पर सब हो जाएगा। लेकिन नहीं हो पायी। शोहरतगढ़ सीएचसी के हेल्थ एटीएम दो महीने से खराब है। सीएचसी में मलेरिया, हीमोग्लोबीन, एचबीवनसी, डेंगू, एचआईवी सहित नार्मल खून सहित 10 प्रकार की जांच लैब में जा रही है। गंभीर मरीज की पहचान के लिए बाहर के पैथालॉजी में जांच के लिए मरीज भेजे जा रहे हैं। लैब टेक्नीशियन में बताया कि हेल्थ एटीएम मशीन दो महीने से खराब है। और कई जांच किट भी उपलब्ध नहीं है।
हेल्थ एटीएम दो महीने से खराब है। जिस कंपनी ने एटीएम लगाई है, उसे कई बार किट की मांग की गई है। पैथालॉजी में स्टाप की भी कमी है। उसके लिए अधिकारियों को पत्र लिखा गया। मरीजों का अस्पताल में ही जांच की जा रही है।
-सौरभ चतुर्वेदी, सीएचसी अधीक्षक शोहरतगढ़
हेल्थ एटीएम से पूरे शरीर की लगभग 64 तरह की जांच होती है, लेकिन लैब में टेंप्रेचर मेंटेन न होने से मशीन काम नहीं कर रही है। जब तक एसी नहीं लग जाता है तब तक काम नहीं हो पाएगा। जब सामान ही नहीं है तो जांच कैसे की जाए।
-एके चौधरी, सीएचसी अधीक्षक, लोटन
हेल्थ एटीएम से होती हैं ये जांचें
हेल्थ एटीएम के जरिये शरीर की स्क्रीनिंग होती है। इसमें ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, शरीर का तापमान, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा, बॉडी मास इंडेक्स, मेटाबॉलिक एज, बॉडीफैट, डिहाइड्रेशन, पल्स रेट, मसल समेत 64 तरह की जांच कराई जा सकती है। इसमें पैथोलॉजी टेस्ट भी हो सकेंगे, जिसमें ग्लूकोज, हीमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल की जांच भी हो सकती है।