डुमरियागंज। भनवापुर ब्लाक क्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को शुद्ध पेयजल व सोमवार को बंटने वाले फल के लाले पड़े हैं। यही नहीं अधिकांश स्कूलों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। चिताही प्राइमरी स्कूल पर तो बच्चों को जान जोखिम में डालकर अपनी प्यास बुझानी पड़ती है।
सप्ताह के पहले दिन सोमवार को अमर उजाला टीम ने भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों का जायजा लिया तो स्थिति मेें कोई सुधार होता नहीं दिखा। सुबह 11.25 बजे पर प्राथमिक विद्यालय सेखुई गोवर्धन पहुंचने पर प्रधानाध्यापक चंद्रप्रकाश यादव ने बताया कि सहायक अध्यापक हिमांशु द्विवेदी बीआरसी पर किताब लेने गए हैं। यहां पंजीकृत 90 में 60 बच्चे उपस्थित रहे। बच्चों ने बताया कि यहां कभी भी दूध नहीं दिया गया है।
स्कूल परिसर में लगा इंडिया मार्का टू हैंडपंप खराब था, जिससे बच्चों को स्कूल के बाहर जाकर पानी पीना पड़ रहा है। दोपहर 12 बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय खमहरिया में 46 बच्चों के सापेक्ष 20 उपस्थित मिले। स्कूल परिसर में चारों तरफ गंदगी का ढेर लगा होने के साथ ही पेयजल के लिए लगा हैंडपंप सूखा मिला। पूछने पर प्रधानाध्यापक रामलगन ने बताया कि कई बार बीआरसी पर लिखित जानकारी देकर हैंडपंप मरम्मत करवाने के लिए पत्र दिया गया, लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ।
यहां भी बच्चों ने दूध न मिलने की शिकायत की। दोपहर साढ़े 12 बजे प्राथमिक विद्यालय चिताही में बड़ी लापरवाही उजागर हुई। स्कूल में जिस जगह पर बच्चों के पीने के लिए हैंडपंप लगा है। उसके ठीक बगल विशाल तालाब है। बावजूद यहां सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है।
तालाब के बगल में बाउंड्रीवाल तक नहीं बनी है। बच्चों को हर रोज जान जोखिम में रखकर पानी पीना पड़ता है। इंचार्ज प्रधानाध्यापक राम आशीष ने बताया कि सहायक अध्यापक विजय शर्मा बिना किसी सूचना के दो दिन से विद्यालय पर नहीं आए हैं।
यहां पंजीकृत 197 में से महज 30 बच्चे उपस्थित थे। बच्चों ने बताया कि जब से स्कूल खुला है, तब से सिर्फ दो बार ही स्कूल में फल का वितरण हुआ है। इस संबंध में भनवापुर के बीईओ ज्ञानचंद्र मिश्रा ने बताया कि जहां पर फल व दूध वितरण की शिकायत है। वहां के स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। एमडीएम, फल व दूध वितरण व्यवस्था में जल्द ही सुधार करवाया जाएगा।
चिताही में तालाब के किनारे बाउंड्री अभी तक क्यों नहीं बना है, पता करते हैं। जबकि सड़क व तालाबों के किनारे बाउंड्रीवाल बनवाना प्राथमिकता है। शिक्षण कार्य में लापरवाही अक्षम्य है। लापरवाह अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।