हसुड़ी औसानपुर को कार्बन न्यूट्रल पंचायत बनाने के लिए आज होगी वीडियो कांफ्रेंसिंग
आईआईटी बीएचयू की रिपोर्ट के अनुसार कार्य कराने पर होगा मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। वह दिन ज्यादा दूर नहीं है जब जिला मुख्यालय से 75 किमी दूर बसा भनवापुर क्षेत्र का गांव हसुड़ी औसानपुर शहर से भी बेहतर सुविधाओं वाला हो जाएगा। देश के काेने-कोने के लोग इस गांव की खूबियां देखने आएंगे, क्योंकि हसड़ी औसानपुर को कार्बन न्यूट्रल पंचायत की कवायद तेज हो गई है।
पंचायती राज मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी ममता वर्मा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे संवाद करेंगी। इसमें प्रदेश के अतिरिक्त प्रमुख सचिव, पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव, आईआईटी दिल्ली के प्रो. विजय, आईआईटी बीएचयू के प्रो शिशिर गौड़, सेक्रेटरी इन्वायरमेंट फॉरेस्ट एवं क्लाइमेट आशीष तिवारी, जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर पवन अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी जयेंद्र कुमार, डीसी मनरेगा रवि शंकर पांडेय, ग्राम प्रधान दिलीप त्रिपाठी एवं ग्राम पंचायत शामिल जुडेंगे।
बीएचयू की रिपोर्ट पर होगा मंथन
आईआईटी बीएचयू ने हसड़ी औसानपुर काे गोद लिया है। आईआईटी के प्रो. शिशिर गौड़ ने हसुड़ी औसानपुर को कार्बन न्यूट्रल पंचायत बनाने के लिए रिपोर्ट दी है। उसके अनुसार कार्य होगा तो यह गांव देश की दूसरी कार्बन न्यूट्रल पंचायत बन जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार एक माह में ग्राम पंचायत में 108, 521 किग्रा कार्बन निकलता है, जबकि रिपोर्ट के अनुसार कार्य होने पर 6629 किग्रा कार्बन कम हो जाएगा। इस ग्राम पंचायत में स्पेस लैब बनाया गया है, जिसे दूर दराज के लोग देखने आते हैं, जबकि बाल हितैषी पंचायतों के अंतर्गत इस ग्राम पंचायत ने देश में तीसरा स्थान हासिल किया।
हसुड़ी औसानपुर ग्राम पंचायत मॉडल बन रहा है। इस ग्राम पंचायत को कार्बन न्यूट्रल पंचायत बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार कार्य कराया जाएगा।
-पवन अग्रवाल, जिलाधिकारी