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Siddharthnagar News: औद्योगिक विकास की जमीन तैयार, चिह्नांकन के लिए आज आएगी यूपीसीडा की टीम

Thu, 13 Aug 2026 10:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- बांसी क्षेत्र में नई रेल लाइन और एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्र में होना है भूमि का चिह्नांकन
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सिद्धार्थनगर। जिले में 100 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र के भूमि चिह्नांकन के लिए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की तीन सदस्यीय टीम शुक्रवार को जिले में आएगी। वहीं विभाग और प्रशासन की ओर से भूमि चिह्नांकन के लिए अब तक हुए मंथन के तहत औद्योगिक क्षेत्र को रेल व एक्सप्रेसवे की कनेक्टिवटी से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र के लिए एनएच 28 पर बांसी-बस्ती के बीच भूमि चिह्नांकन की संभावना जताई जा रही है। यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक धर्मचंद्र के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में परिवहन के लिए बेहतर कनेक्टिवटी ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए ही भूमि चिह्नित किया जाना है।
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जिले में करीब 100 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र के भूमि चिह्नांकन के लिए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की तीन सदस्यीय टीम शुक्रवार को जिले में आएगी। पहले यह टीम बृहस्पतिवार को जिले में आकर संभावित भूमि का निरीक्षण और चिह्नीकरण करने वाली थी। यूपीसीडा मुख्यालय के निर्देश पर गठित टीम में क्षेत्रीय प्रबंधक गोरखपुर धर्मचंद्र, वरिष्ठ प्रबंधक (निर्माण-सिविल), भूमि अध्याप्ति अधिकारी, यूपीसीडा मुख्यालय कानपुर के ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी शामिल हैं।
टीम जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर ऐसी जमीन तलाशेगी जहां औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक रूप से अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध हों। यह टीम संभावित भूमि का निरीक्षण करने के साथ ही उसकी स्थिति, उपलब्धता और औद्योगिक क्षेत्र के लिहाज से उपयोगिता का परीक्षण करेगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की अगली कार्रवाई शुरू होगी।

जमीन चयन में आवागमन सुविधा होगी प्राथमिकता
यूपीसीडा की टीम प्रशासन के साथ मिलकर संभावित स्थानों का परीक्षण करेगी। जमीन के चयन में रेलवे और सड़क मार्ग से आवागमन सुविधा प्राथमिकता होगी जिससे परिवहन में सुविधा होगी। साथ ही बिजली, पानी, बाजार तक पहुंच और भविष्य में औद्योगिक विस्तार की संभावना जैसे पहलुओं को महत्वपूर्ण माना जाएगा। इरेको देखते हुए बांसी से गुजर रही नई खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन और बांसी क्षेत्र से ही गुजर रही शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के आसपास ही भूमि चिह्नांकन की संभावना जताई जा रही है। इसका प्रमुख कारण यह भी है कि बांसी क्षेत्र में ही एक्सप्रेसवे एनएच 28 से कनेक्ट होगा। इस कारण औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए यह क्षेत्र सबसे मुफीद माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
कृषि प्रधान जिला होने के कारण औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से जिले की स्थानीय उपज को बाजार मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही स्थानीय लोगों और युवाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद जगी है। औद्योगिक क्षेत्र में धान, गेहूं, दलहन, तिलहन, सब्जी और अन्य कृषि उत्पादों से जुड़े प्रसंस्करण उद्योग स्थापित होने पर किसानों को भी स्थानीय स्तर पर बाजार मिल सकता है। फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज और कृषि उपकरणों से जुड़े उद्योगों के लिए भी नया औद्योगिक क्षेत्र आधार बन सकता है। इससे कृषि को उद्योग से जोड़कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की संभावना है।


यूपीसीडा की टीम शुक्रवार को जिलाधिकारी के साथ समन्वय बनाकर संभावित जमीन देखेगी। उपयुक्त भूमि मिलने के बाद रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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- धर्मचंद्र, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीसीडा

औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए यूपीसीडा की टीम के साथ भूमि चिह्नांकन व नियमानुसार उसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होने से जिले का समग्र विकास होने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। - शिवशरणप्पा जीएन, डीएम
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