राजपत्रित अधिकारी घोषित करने सहित अन्य मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहा डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का चल रहा धरना 9वें दिन बुधवार को भी जारी रहा। नाराज इंजीनियरों का कहना था कि प्रदेश सरकार सताने का काम कर रही है। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती है हम धरने पर बैठे रहेंगे।
जिलाध्यक्ष एसएन पांडेय ने कहा कि सरकार काम के बाद भी हमारी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की संस्तुतियों लागू किया जाए। जूनियर इंजीनियर्स के वेतनमान की विसंगति को दूर कर प्रारंभिक वेतनमान 4800 किया जाए और राजपत्रित अधिकारी घोषित किया जाए।
जूनियर इंजीनियर्स को सेवा प्राविधानित अवधि सात वर्ष 14 वर्ष व 20 वर्ष की सेवा पर सहायक अभियंता, अधिशासी अभियंता व अधीक्षण अभियंता के पदों पर नैतिक रूप से 100 प्रतिशत तीन पदोन्नतियां प्रदान की जाए। इसके साथ ही अन्य मांगों को जल्द पूरा किया जाए।
मुक्तेश्वर राय ने कहा कि प्रदेश सरकार इंजीनियरों के समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। कहा कि मांगे पूरी नहीं होने तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान दिनेश कुमार चंद्रा, राजकुमार प्रजापति, सुभाष यादव, यशवंत गौतम, महेन्द्र कुमार, रविप्रकाश सिंह, वरूण कुमार गुप्ता, कालिका प्रसाद, बीएन सिंह, यादवेंन्द्र यादव, वीरेन्द्र कुमार, जीपी गुप्ता, आशीष कुमार, दिनेश कुमार, रविन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।