इटवा। इटवा कस्बे के मुख्य मार्गों पर छुट्टा पशुओं की धमाचौकड़ी से आए दिन आवागमन बाधित हो रहा है। इसके बावजूद इन छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने की पहल नहीं की जा रही है। ऐसा तब है जबकि इटवा थाने के पूरब गोवंशीय पशुओं के लिए बना आश्रय स्थल खाली है। इटवा कस्बे में गोवंशीय पशुओं का झुंड राहगीरों के लिए मुसीबत हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में फसल को बचाने के लिए किसान छुट्टा पशुओं काे खदेड़ रहे हैं। इससे पशु कस्बे में पहुंच गए हैं। कभी बढ़नी मार्ग से होकर डुमरियागंज मार्ग पर व डुमरियागंज मार्ग के किसानों के भगाने पर बढ़नी अथवा बिस्कोहर मार्ग पर दौड़ते रहते हैं। पशुओं के आवागमन से आए दिन घंटों जाम लग रहा है। बाइक चालकों की मुसीबत ज्यादा ही बढ़ गई है। वे न तो वाहन छोड़कर भाग पाते हैं और न ही बैठे रह पाते हैं। इस संबंध में ईओ इटवा राजन गुप्ता का कहना है कि कस्बे में घूम रहे छुट्टा पशुओं को शीघ्र ही थाने के पूरब बने कांजी हाउस में व शेष छुट्टा पशुओं की पेंडारी स्थित गोशाला में रखने की व्यवस्था की जाएगी।