नगर स्थित बुद्ध विद्यापीठ डिग्री कॉलेज में आयोजित हुआ कार्यक्रम, छात्र-छात्राओं ने किया संवाद
जी-20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच
सिद्धार्थनगर। ग्रुप ऑफ ट्वेंटी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है। सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर वैश्विक संरचना और अधिशासन निर्धारित करने तथा उसे मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हम सभी के लिए प्रसन्नता की बात है कि एक दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक भारत जी-20 की अध्यक्षता करेगा। नगर स्थित बुद्ध विद्यापीठ डिग्री कॉलेज में रविवार को जी-20 सप्ताह महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अभय कुमार श्रीवास्तव ने बातें कहीं।
प्रधानाचार्य अभय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जी-20 समिट में व्यापार, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, पर्यावरण पर मंथन होगा। जी-20 सदस्य देशों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पादों का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व की लगभग दो तिहाई जनसंख्या है। वित्त ट्रैक और शेरपा ट्रैक पर चर्चा की गई।
राजनीति विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रत्नाकर पांडेय ने कहा कि भारत को जी- 20 की अध्यक्षता मिलना, यह सिद्ध करता है कि भारत विश्व नेता के रूप में उभरा है। यहां हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम भारत की सभ्यता एवं संस्कृति से विश्व को परिचित कराएं। इस वर्ष जी-20 की एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य की जो थीम हमने तय की है। वह हमारी वसुधैव कुटुंकम की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भूगोल के असिस्टेंट प्रोफेसर नवीन सोनी ने कहा कि भारत का विश्व मंच पर वर्चस्व बढ़ा है। भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। जी-20 की अध्यक्षता हमारे लिए बड़े अवसर के रूप में आई है। इसका लाभ उठाते हुए हमें वैश्विक भलाई एवं वैश्विक कल्याण पर ध्यान देना चाहिए। इस दौरान प्राचीन इतिहास की असिस्टेंट प्रोफेसर आकांक्षी मिश्रा मौजूद थे। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने जी-20 के मामले में संवाद करके अपनी जिज्ञासाएं शांत की।