बांसी। जिले में इस वर्ष लीची समेत विभिन्न फलदार फसलों का उत्पादन संतोषजनक रहने से बागबानी के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है। इसी बीच उद्यान विभाग ने वर्ष 2026-27 में 150 हेक्टेयर क्षेत्र में नए फलोद्यान विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना के तहत आम, अमरूद, लीची, नींबू समेत 11 प्रकार की फलदार फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
बांसी क्षेत्र में इस बार लीची की फसल ने किसानों को उत्साहित किया है हालांकि मई माह में 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचे तापमान के कारण कुछ बागों में फलों के फटने की समस्या भी सामने आई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार तेज धूप से प्रभावित छिलकों की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने के बाद फलों के विकास के दौरान छिलके फटने लगते हैं। उन्होंने किसानों को नियमित स्प्रिंकलर सिंचाई करने और पर्याप्त मिठास आने के बाद ही फलों की तुड़ाई करने की सलाह दी है।
उत्पादन अच्छा होने के बावजूद किसानों के सामने बाजार संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं। स्थानीय स्तर पर मांग सीमित होने, कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के अभाव और परिवहन की दिक्कतों के कारण कई उत्पादकों को अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पाता। जल्दी खराब होने वाली फसल होने के कारण किसानों को समय से पहले बिक्री करनी पड़ती है, जिससे मुनाफा प्रभावित होता है।
इन चुनौतियों के बीच उद्यान विभाग की नई योजना किसानों के लिए अवसर लेकर आई है। विभाग की ओर से नए फलोद्यान लगाने पर लागत का 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए न्यूनतम 0.20 हेक्टेयर और अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित किया गया है। ऑनलाइन आवेदन और सत्यापन के बाद अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
जिला उद्यान अधिकारी विमलकांत ने बताया कि फलदार पौधों की खेती किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। सरकार बागबानी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। किसानों को समय से आवेदन कर योजना का लाभ उठाना चाहिए।
फलदार पौधों की खेती किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। सरकार बागबानी को बढ़ावा देने के लिए अनुदान दे रही है। किसान समय से आवेदन कर योजना का लाभ लें। मान्यता प्राप्त नर्सरी से पौध खरीदने और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने पर अनुदान की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
- विमल कान्त, जिला उद्यान अधिकारी