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गुड फ्राइडे पर चर्च में हुई प्रार्थना सभा

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गुड फ्राइडे पर चर्च में हुई प्रार्थना सभा
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उसका बाजार। उसका बाजार के कटका में स्थित गिरजाघर में शुक्रवार को गुड फ्राइडे पर्व मनाया गया। ईसाई समुदाय के लोगों ने प्रार्थना सभा की। यह ईसाई समुदाय का प्रमुख त्योहार है। गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे के नाम से भी जाना जाता है।
मान्यता है कि इस दिन ईसा मसीह को सूली पर लटकाया गया था। ईसाई धर्मावलंबियों ने इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना है। पादरी सैमुअल राज ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि जिस दिन यीशु मसीह को फांसी पर चढ़ाया गया और उनकी मृत्यु हो गई थी, वह दिन शुक्रवार था। लोगों का विश्वास है कि यीशु ने मानव जाति के प्रति अपना प्यार दिखाने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया था। यह भी कहा जाता है कि उन्होंने पूरी दुनिया के पापों के लिए अंतिम बलिदान दिया। एक बुरा दिन होने के बावजूद, इस दिन ने मानव जाति के उद्धार का मार्ग प्रशस्त किया। यीशु फिर जीवित होकर दो दिन बाद यानी रविवार को जीवन में लौट आए। इसी वजह से इस दिन को गुड कहा गया और इसे अच्छाई पर बुराई की जीत का प्रतीक माना जाता है। चर्च पर सैमसम इब्राहीम, ऐनम मगन कुमार, रोहित बनर्जी आदि ने गुड फ्राइडे मनाया।
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दो दिन बाद ईस्टर संडे
गुड फ्राइडे ईसाई समुदाय का प्रमुख त्योहार है। इसे ईस्टर संडे से पहले 20 मार्च और 23 अप्रैल के बीच शुक्रवार को ही मनाया जाता है। इस बार यह 15 अप्रैल को मनाया जा रहा है। ईसाई समुदाय के लोग मानते हैं कि सूली पर चढ़ाने के दो दिन बाद ईसा मसीह रविवार को फिर जिंदा हो उठे थे, जिसकी खुशी में ईस्टर संडे मनाया जाता है।
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इस तरह मनाया पर्व
गुड फ्राइडे के पहले यानी बृहस्पतिवार को ही इस पर्व की शुरुआत हो गई। मान्यता है कि इस दिन ईसा मसीह ने अपने 12 शिष्यों के पैर धोए और उनके साथ अंतिम बार भोजन किया था। इसकी याद में चर्च के फादर ने 12 लोगों का पैर धोया। वहीं, ईसाइयों के धर्म गुरु पोप भी वेटिकन सिटी में 12 लोगों का पैर धोया और चूमा। इस दिन लोग उपवास रहे और चर्च में प्रार्थना सभा की।
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