सिद्धार्थनगर। नगर का जमुआर नदी का घाट मॉडल घाट के रूप में दिखेगा। छठ पर्व पर होने वाली पूजा को देखते हुए 80 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड, चबूतरा, सीढ़ी, आधुनिक लाइटिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं। काम तेजी से चल रहा है और छठ पूजा से पहले घाट आकार ले लेगा। इसके लिए युद्धस्तर पर काम जारी है। इसके बन जाने से छठ के दिन पूजा करने वाली शहर की लगभग 50 हजार महिलाओं को काफी सहूलियत मिलेगी।
शहर के उत्तर दिशा में स्थित जमुआर घाट नगर के लिए बहुत उपयोगी माना जा रहा है। अंतिम संस्कार स्थल होने के साथ-साथ यहां पर बड़ी संख्या में महिलाएं छठ पूजा करने के लिए आती हैं। नेपाल से निकलने वाली इस नदी पर गंदगी हावी था जो कहीं न कहीं लोगों के लिए बड़ा संकट था। खास करके छठ पूजा के समय और परेशानी होती थी। लेकिन इस बार यह समस्या नहीं होगी। क्योंकि नगर पालिका की ओर से जमुआर को 80 लाख रुपये की लागत से माॅडल घाट के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सीसी रोड, बीम पर चबूतरा और लाइटिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं। काम तेजी से चल रहा है, नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि छठ से पहले घाट आकार ले लेगा और एक मॉडल घाट के रूप में दिखेगी। हालांकि, जिस तेजी से काम हो रहा है, वह समय से पूरा हो जाएगा। ऐसे में इस बार छठ पूजा में महिलाओं को कीचड़ में खड़े होकर पूजा करने के लिए विवश नहीं होना पड़ेगा।
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अब तक था यह हाल
आस्था के पर्व छठ में महिलाएं बड़ी संख्या में पूरा करती हैं। नगर उत्तर दिशा में मौजूद नेपाल से निकलने वाली जमुआर नदी में महिलाएं पूजा करने के लिए जाती हैं। लेकिन वहां भीड़ के हिसाब से खड़ा होने का भी जगह नहीं था, कीचड़ होने से और समस्या होती थी। जिससे पूरा करने में काफी कठिनाई होती थी। हर साल पूजा करने वालों में बड़ी संख्या में इजाफा हो रहा है, लेकिन सुविधा नहीं थी। अब मॉडल घाट बनने से लोगों को लाभ मिलेगा।
दो तरफ सीसी रोड का निर्माण
अब घाट पर आने वालों को कीचड़ नहीं लगेगा। क्योंकि दक्षिण और उत्तर दोनों दिशा में घाट से सटाकर 11 मीटर चौड़ी और लगभग 300 मीटर लंबी आरसीसी सड़क का निर्माण किया जा रहा, जो बारिश और बाढ़ में भी क्षतिग्रस्त न होने पाए। इसके साथ ही पिलर पर चबूतरा तैयार किया जाएगा, यहां खड़ी होकर महिलाएं पूजा कर सकेंगी। साथ ही दोनों तरफ लंबी सीढ़ी तैयार किया जा रहा है, जहां एक लाइन से लंबी दूरी तक पूजा करने वाली महिलाएं घंटों खड़ी हो सकेंगी। उन्हें पूजा के दौरान कीचड़ में नहीं रहना पड़ेगा। इसके अलावा मार्बल पत्थर लगाया जाएगा जो आकर्षक दिखेगा। साथ ही टॉपर बनाकर स्थायी रूप से लाइट लगाया जाएगा, जिससे पूजा के साथ ही हाईवे से गुजरने वाले राहगीर जरूरत पड़ने पर रात में बैठ सकें। घाट के दोनों तरफ बने अंत्येष्ठी स्थल और व्यवस्थित किया जा रहा है।
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शहर के लोगों को होगा ठिकाना
जमुआर घाट बस्ती-ककरहवा हाईवे पर स्थित है। यहां पर सुबह और शाम में लोग टहलने के लिए आते हैं। घाट के विकसित हो जाने के बाद पार्क जैसा नजारा दिखेगा। इससे हाईवे से गुजरने वाले यात्री भी रुककर कुछ देर आराम कर सकेंगे। क्योंकि रात में इस घाट का नजारा महानगरों में स्थित घाट जैसा दिखा। वहीं, पुराने लोहे के पुल को लाइट से सजाया जा रहा है। यहां खड़े होकर लोग नदी का नजारा रात में भी देख सकेंगे।
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कोट
नगर के जमुआर घाट को मॉडल घाट बनाया जा रहा है। यहां सीढि़यों के साथ ही इंटरलाॅकिंग, चबूतरा और लाइट की व्यवस्था की जा रही है। इसका काम आखिरी चरण में है। इसके बन जाने से छठ पूजा करने वाली महिलाओं को काफी सहूलियत मिलेगी।
-गोविंद माधव, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर