बांसी के ग्राम बरगदवा में झोपड़ी में लगी आग बुझाते लोग।
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कोतवाली क्षेत्र के बरगदवा गांव में मंगलवार को गेहूं का डंठल जलाते समय उठी चिंगारी से एक घारी व दो छप्पर के मकान जल गए। आग की चपेट में आने से घारी में बंधी भैंस जलकर मर गई। ग्रामीणों के अथक प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका।
मंगलवार की दोपहर शऊरहवा गांव में किसी ने गेहूं का डंठल फूंक दिया था। हवा के प्रभाव से यह आग फैल कर पचाड़ी होते हुए बरगदवा गांव के सिवान में पहुंच गई। तेज हवा के बीच आग का विकराल रुप देख गांव में अफरा-तफरी मच गई।
बरगदवा गांव में रसोई गैस के दो गोदाम होने के कारण बड़ी अनहोनी की आशंका से सहमे ग्रामीण तत्काल आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। आग ने गांव के अंबिका प्रसाद की घारी को चपेट में ले लिया।
घारी में बंधी गाय ने आग में झुलसकर दम तोड़ दिया। पास स्थित रमेश यादव व रामलला का छप्पर जल गया। छप्पर में रखा घर-गृहस्थी के सामान भी नष्ट हो गए। ग्रामीणों ने आस-पास के जलस्रोतों व फायर ब्रिगेड की मदद से अथक प्रयास कर आग पर काबू पाया।
ग्रामीणों की सतर्कता से आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो पास में स्थित रसोई गैस गोदाम के कारण बड़ी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। घटना की सूचना मिलने के बाद अगलगी का जायजा लेने तहसीलदार ओमप्रकाश गुप्ता, नायब तहसीलदार केशरी नंदन त्रिपाठी, लेखपाल सुरेंद्र श्रीवास्तव, ब्लाक प्रमुख मिठवल प्रतिनिधि हैदर अली, प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष मो.याकूब, लवकुश तिवारी पहुंच गए थे।