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खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है कूड़ा

Sat, 23 Jul 2016 10:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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मोहाना में कूड़ा नदी का बढ़ता जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। शुक्रवार की देर रात से जारी तेज बारिश से जिले की नदियों के जलस्तर में वृद्धि तेज हो गई है। राप्ती नदी बढ़ाव पर है। बाणगंगा व  बूढ़ी राप्ती नदी भी धीरे-धीरे बढ़ाव पर है। कूड़ा नदी खतरे के निशान से महज एक मीटर नीचे है। जमुआर नाला भी लबालब हो चुका है। बरसात का क्रम बना रहा तो आस-पास के क्षेत्रों में बाढ़ से इनकार नहीं किया जा सकता।
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रात भर हुई तेज बारिश से जहां किसानों के चेहरे पर मुस्कान तैर गई थी, वहीं बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए तटवर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। जिले की प्रमुख नदियां लगातार बढ़ाव पर है। उसका बाजार के पास कूड़ा नदी उफान पर है।
खतरे के निशान से नदी महज एक मीटर नीचे बह रही है। नौगढ़ व पुरानी नौगढ़ के बीच से गुजर रहे जमुआर नाला में पानी लबालब भर गया है। खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर नीचे बह रहे नाला के पानी ने करीब में बसे निचले हिस्से की आवासीय कालोनियों का रूख पकड़ लिया है। राप्ती नदी बांसी के पास खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। यही हाल बाणगंगा व बूढ़ी राप्ती का है।
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उसका बाजार क्षेत्र के बूढ़ी राप्ती व कूड़ा नदी के किनारे बसे लोग सुरक्षित स्थानों की राह तलाशने लगे हैं। बूढ़ी राप्ती व राप्ती के दोआब में बसे गांव गायघाट, अजिगरा, नालबगहिया, लाऊघाट, तालनटवा, हथिवड़ताल, चौबाहेडीह, ताल भिरौना आदि ग्रामों के ग्रामीणों ने बांध पर स्थान खोजना शुरू कर दिया है। कूड़ा नदी के किनारे बसे बसावनपुर, ऊंचहरिया, नगवा, करछुलिया, फुलवरिया, तेतरी आदि गांवों के लोगों की धड़कनें भी बढने लगी है।
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