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बारिश में कोहराम मचाएंगे तटबंधों के गैप

Sun, 12 Jun 2016 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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केजी बांध के बीच में बना गैप - फोटो : amar ujala
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मई से ही छिटपुट बरसात और तेज हवाओं के साथ मानसून ने अपने मिजाज का एहसास करा दिया है। बावजूद इसके सिंचाई विभाग नींद में है। इसका परिणाम है कि बंधों को मजबूती देना तो दूर, अभी तक विभाग उसके गैपों को भी नहीं भर सका है। ऐसे मे तय है कि बाढ़ आई तो बंधों के ये गैप कोहराम मचाने से बाज नहीं आएंगे।
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माह जुलाई में मानसून के आगाज की आशंका के साथ-साथ कूड़ा-घोघी (केजी) के मध्य दोआबा क्षेत्र के नागरिकों का भय भी बढने लगा है। वह पूरी तरह से मान कर चल रहे हैं कि बाढ़ सिर पर है। क्षेत्रवासियों की चिंता अकारण नहीं है। बता दें कि पांच वर्ष तीन माह पहले सदर तहसील के दोआबा क्षेत्र के महदेवा बाजार से उसका बाजार तक 16 किलोमीटर तक केजी बांध का निर्माण गांवों की हिफाजत के लिए बड़े जोर-शोर से प्रारंभ हुआ था। सोहांस बाजार के निकट भागीरथ पुल के पास यह बांध आज भी आधी-अधूरी हालत में है। बांध के गैप को पूरा न किए जाने से क्षेत्र के ग्रामीण बारिश में आने वाले खतरे की कल्पना से ही सहमे हुए हैं। 

कई गांवों पर है खतरा
इस गैप से क्षेत्र के ग्राम विशुनपुर, डिहवा, खजुरिया, गनेरा, सोहांस बाजार, श्रीरामपुर, मैनहवा, फुलवरिया कला, बदलापुर, महदेवा बाजार, महदेवा बुजुर्ग, मदरहना, सिसहनिया, धौरीकुइया, इलाहाबास, सोतियाडाड़ी आदि गांवों की करीब पचास हजार आबादी प्रभावित होगी। बाढ़ के चलते लोगों का जीवन खतरे में रहता है, मगर सिंचाई विभाग संवेदनशील नहीं है।
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जगह-जगह गैपों से सहमे हुए हैं लोग
विभागीय लापरवाही से क्षुब्ध सोहांस क्षेत्र के पूर्व प्रधान जाहिद खान, शशि प्रकाश लाल श्रीवास्तव उर्फ बब्बू, चंद्रजीत जायसवाल, गनेरा के प्रधान वजीर अहमद खान, सगीर खान, अकलाख खान, रामजी साहनी, वशीर अहमद, किताबुल्लाह, चंद्रमणि यादव, मौलाना अहमद हुसैन फैजी, पिंगल प्रसाद, मास्टर जमील अहमद, नंदलाल साहनी, मौलाना अब्दुर्रहमान, अब्दुल मन्नान खान आदि का कहना है कि सोहांस दरमियानी के विशुनपुर का मौजूद गैप बानगी मात्र है। केजी बांध पर ग्राम बिशुनपुर के पूरब डिहवा बाग के निकट, डिहवा कर्बला मैदान के पास, खजुरिया श्रीरामपुर के बीच, बर्रोहिया गांव के निकट आज भी गैप नहीं भरे गए हैं। ऐसे में बाढ़ के दौरान यह गैप तबाही का सबब बन सकते हैं।

मौसम विशेषज्ञों ने इस बार अच्छी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में इस क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। जिम्मेदारों की अनदेखी से ग्रामीणों को बाढ़ की विभिषिका में दुश्वारियां झेलनी पड़ेगी।
-मकबूल खान, देवपुर मस्जिदिया

बाढ़ की स्थिति बनी तो इस क्षेत्र के दर्जनों गांवों में तबाही के हालात बनेंगे। हर बार अच्छी बारिश के दिनों में ऐसी स्थिति होती है, बावजूद प्रशासन इसका समुचित उपाय अब तक नहीं कर पाया है।
-श्रवण कुमार पांडेय, करुआवल कला

10 माह की मेहनत से संजोई गई गृहस्थी को बाढ़ एक झटके में बहा ले जाती है। जिम्मेदार विभाग और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। ऐसे में इस आपदा का अंत कब होगा, समझ नहीं आ रहा।
-बजरंगी गोस्वामी, सोहांस बाजार

घर-गृहस्थी के अलावा बाढ़ का पानी रोजी-रोजगार के विकल्पों को भी नष्ट कर देता है। जैसे-तैसे लोग बाढ़ से उबरते हैं, तब तक फिर वही हालात बन जाते हैं। लोगों की जान तक जाती है। फिर भी सिंचाई विभाग संवेदनशील नहीं है।
-भगवती प्रसाद गुप्ता, सोहांस डिहवा

वर्ष 2010 में आई बाढ़ में ठोठरी नेपाल सीमा के निकट रसियावल कला बंधे पर मौजूद गैप ने जमकर तबाही मचाई थी। लोटन-सोहांस क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने अपनी करोड़ों की संपत्ति गंवाई थी। विभाग नहीं जागा तो फिर वैसे हालात हो सकते हैं।
-अशर्फी यादव, खजुरिया

अप्रैल-मई माह से शुरू हुई बारिश ने अच्छे मानसून के संकेत दे दिए हैं। मगर वर्षा जल के संचयन के लिए बांध तैयार नहीं है। दो वर्ष से कम वर्षा के कारण कोई काम नहीं हुआ। अफसर चुप्पी साधे रहे, लेकिन इस बार समुचित इंतजाम न हुआ तो परेशानी बढ़ेगी।
-अलाउद्दीन, सिसहनिया

गैपों को भरने के दिए गए हैं कड़े निर्देश
तटबंधों के गैप, रेगुलेटर, स्किन प्लेट व रेनकट को भरने, सही करने के लिए संबंधित विभाग के एक्सईएन को कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद भी  लापरवाही मिली तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डॉ. नरेंद्र शंकर पांडेय, जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर

गैप को हरसंभव पूरा किया जाएगा
मामला संज्ञान में आ गया है। वैसे हमारी इस जनपद में नई नियुक्ति है। पूरी जानकारी नहीं है। बांध का जल्द निरीक्षण कर गैप को भरवाने की पूरी कोशिश की जाएगी।
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वीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, ड्रेनेज खंड, सिद्धार्थनगर
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