साजिश के तहत बुलाकर की गई थी युवक की सिर पर वार कर हत्या
गांव से दो किलोमीटर दूर सेमरहना के पास मिली थी खून से सनी लाश
गिरोह बनाकर हत्या करने के मामले में गिरोहबंद अपराध के मामले में हुई कार्रवाई
लोटन कोतवाली क्षेत्र के बरवां गांव का निवासी था मृतक रोहित
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लोटन कोतवाली क्षेत्र के बरवां गांव निवासी रोहित हत्याकांड के आरोपियों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चारों आरोपियों के खिलाफ गिरोह बनाकर हत्या करने के आरोप में गैंगस्टर की कार्रवाई की है। ताकि मामला और गंभीर साबित हो और जल्द से जल्द आरोपियों को सजा दिलाई जा सके।
विधि के जानकारों के मुताबिक, गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई किए जाने से केस और मजबूत हो जाता है। अगर ठोस साक्ष्य न्यायालय के समक्ष पुलिस प्रस्तुत कर दे तो जल्द और कड़ी सजा होने की संभावना बढ़ जाती है।
लोटन कोतवाली क्षेत्र के बरवां गांव निवासी रोहित (20) पुत्र दारा 15 अगस्त की शाम को निकला और लापता हो गया था। दूसरे दिन सुबह क्षेत्र के ही सेमरहना चौराहे के पास से गुजरने वाले मार्ग पर खून से सनी हुई लाश मिली थी। इस मामले में पुलिस ने पिता की तहरीर हत्या के केस दर्ज आरोपियों की गिरफ्तारी की और जेल भेज दिया था। इसमें एक युवती भी शामिल थी।
मामले में जल्द कार्रवाई हो सके इसके लिए पुलिस ने आरोपियों पर गिरोह बनाकर अपराध करने के मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। इसमें परवेज रजा, निवासी बरवां, राजू यादव उर्फ पिंकी निवासी सेमरहना, सुनील चौरसिया निवासी सैनुआ, कृष्ण मोहन उर्फ रोलू प्रजापति निवासी बरवां पर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई है। मौजूदा समय में सभी आरोपी जेल में बंद हैं।
इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि हत्यारोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। इस केस की निगरानी की जा रही है। ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को सजा मिल सके।
मुख्य आरोपी के घर पर चला है प्रशासन का बुलडोजर
रोहित की हत्या के बाद परिवार के लोग शव का अंतिम संस्कार नहीं कर रहे थे। परिजन मांग कर रहे थे कि आरोपी के मकान को गिरा दिया जाए। एसडीएम ने आश्वासन दिया था कि अगर मकान सरकारी भूमि में होगा तो कार्रवाई की जाएगी। राजस्व टीम ने जमीन की नाप की तो घर सरकारी भूमि पर बना हुआ मिला। इसके बाद बुलडोजर चलवाकर प्रशासन ने घर को जमींदोज कर दिया था। पुलिस अब गैंगस्टर की कार्रवाई की कोशिश में है।
बोले विधि के जानकार
गिरोह बनाकर किसी पर अपराध को कारित किया जाए, उसमें पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई कर सकती है। इसमें यह देखने की जरूरत नहीं है कि उसने पहले अपराध किया है या नहीं। हत्या सहित अन्य जघन्य अपराध के एक ही मामले में कार्रवाई हो सकती है। पुलिस यह इसलिए लगाती है, ताकि अपराध की गंभीरता बढ़ जाए। इसमें सजा अलग से हो जाती है। बशर्ते पुलिस को न्यायालय के समक्ष ठोस सुबूत प्रस्तुत करने की जरूरत पड़ती है। ताकि जल्द से जल्द सजा हो सके।
-संजय कुमार श्रीवास्तव, अधिवक्ता क्राइम, जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर