भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में नौ सितंबर से दो दिन जी-20 समिट होगी। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश के नौ गांवों के विकास मॉडल की फिल्म दिखाई जाएगी, जिसमें हसुड़ी औसानपुर भी शामिल है। गांव में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने के साथ तरक्की के लिए प्रयोग किए गए हैं। इस गांव को कार्बन न्यूट्रल पंचायत बनाया गया है, जिसे आईआईटी बीएचयू ने गोद लिया है। इससे गांव के विकास की संभावना और बढ़ गई है।
सिद्धार्थनगर में जी -20 समिट में भनवापुर ब्लॉक के हसुड़ी औसानपुर गांव के विकास की फिल्म दिखाई जाएगी। आकांक्षात्मक जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के इस गांव के विकास मॉडल पर डॉक्यूमेंट्री बनाई जाएगी। पंचायती राज मंत्रालय की ओर से सोमवार को फिल्म बनाने वाली टीम गांव में आएगी और महिला और बाल हित के कार्यों पर फिल्म बनाने का कार्य करेगी।
विज्ञापन
भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में नौ सितंबर से दो दिन जी-20 समिट होगी। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश के नौ गांवों के विकास मॉडल की फिल्म दिखाई जाएगी, जिसमें हसुड़ी औसानपुर भी शामिल है। गांव में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने के साथ तरक्की के लिए प्रयोग किए गए हैं। इस गांव को कार्बन न्यूट्रल पंचायत बनाया गया है, जिसे आईआईटी बीएचयू ने गोद लिया है। इससे गांव के विकास की संभावना और बढ़ गई है। गांव में शिक्षा व रोजगार की दृष्टि से बेहतर कार्य हुए हैं, जिसके आधार इस गांव का चयन हुआ है।
रोजगार सृजन में आगे महिलाएं
1,024 आबादी वाले ग्राम पंचायत में सभी 11 वार्ड सदस्य महिलाएं हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए गांव में 23 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कंपोजिट विद्यालय में 53 प्रतिशत छात्राएं पढ़ रही हैं। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से बकरी पालन, पशुपालन, कोटा संचालन, सिलाई-कढ़ाई एवं ब्यूटी पार्लर से रोजगार सृजन में महिलाओं ने बेहतर कार्य किया है।
विज्ञापन
बच्चों के लिए बनाया गया है स्पेस लैब
गांव में विक्रम सारा भाई स्पेस लैब बनाया गया है। 8.24 लाख रुपये से बने लैब में कक्षा 8 तक के बच्चे अंतरिक्ष विज्ञान की खूबियां जानते हैं। यहां के सात बच्चों ने इसरो अहमदाबाद में प्रशिक्षण प्राप्त किया, उसके बाद वे स्पेस लैब में अन्य बच्चों को भी अंतरिक्ष के बारे में जानकारी रहे हैं। जिले के 11 हजार से अधिक बच्चे इस लैब का भ्रमण कर चुके हैं। भोपाल में हुए इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में भी हसुड़ी औसानपुर के बच्चों ने बेहतर प्रस्तुति दी थी, जिसे ग्रामीण शिक्षा के बेहतर मॉडल का पुरस्कार भी मिला। प्रशिक्षित बच्चे श्रेया त्रिपाठी, अवंतिका, गरिमा, अभिलाषा, अयांश, शिवेन, शिवांशी ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के सचिव सुनील कुमार एवं इसरो के चेयरमैन एन सोमनाथ से मुलाकात की है।