फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी दस्तावेज के सहारे बना शिक्षक, गया जेल

विज्ञापन
डुमरियागंज पुलिस की गिरफ्त में आया फर्जी शिक्षक मनोज जायसवाल। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
विज्ञापन
फर्जी दस्तावेज के सहारे बना शिक्षक, गया जेल
विज्ञापन

डुमरियागंज। फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षक को शनिवार को कोर्ट ने जेल भेज दिया। एसटीएफ गोरखपुर की टीम ने शुक्रवार को उसके तैनाती स्थल से गिरफ्तार कर डुमरियागंज पुलिस को सौंप दिया था। शनिवार को डुमरियागंज पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
प्रभारी निरीक्षक डुमरियागंज संजय कुमार मिश्र ने बताया कि फर्जी शिक्षक मनोज कुमार जायसवाल ने शुरुआती पूछताछ में अपना पता फर्जी बताया था। पहले उसने बताया था कि वह संतकबीरनगर जिले का रहने वाला है। कड़ाई से पूछने पर बताया कि वह गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के नकहा का रहने वाला है।
विज्ञापन

प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मनोज कुमार जायसवाल ने फर्जी दस्तावेज के सहारे शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। दूसरे की मार्कशीट और उसके नाम-पते पर क्षेत्र के मेंही हरदो प्राथमिक विद्यालय में 12 वर्षों से नौकरी कर रहा था। इस मामले में धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में केस दर्ज हुआ था।
विज्ञापन

एसटीएफ की टीम उसकी गिरफ्तारी में लगी थी। शुक्रवार को एसटीएफ गोरखपुर यूनिट के प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह के साथ डुमरियागंज पुलिस ने तैनाती स्थल पर पहुंचकर उसे दबोच लिया था। पूछताछ के बाद शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि जिले में कार्यरत 126 फर्जी शिक्षकों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अब 154 शिक्षकों को चिह्नित किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें