सिद्धार्थनगर। जिले में पराली से उठ रहे धुआं का स्थायी समाधान होने की उम्मीद जगी है। एनटीपीसी ने जिले में पराली से ईधन बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए 10 एकड़ सरकारी जमीन की तलाश की जा रही है, जबकि चिन्हित होने के बाद 300 करोड़ रुपये का प्लांट लगाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट धरातल पर उतरा तो किसानों को पराली की कटाई में अतिरिक्त खर्च करने की नौबत नहीं आएगी और खेतों से धुआं उठने से हवा की गुणवत्ता भी खराब नहीं होगी।
नेशनल थर्मल पॉवर कारपोरेशन ने शोहरतगढ़ तहसील के गड़रखा और नौगढ़ के महरिया में जमीन देखी है। टेक्निकल सर्वे के बाद जमीन पसंद आई तो पराली ईधन बनाने का प्लांट लगाया जाएगा। जिले में 1.52 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती है इसलिए यह प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। पराली खरीदी जाएगी तो किसानों को भी राहत मिलेगी।
कोयले के साथ ईधन के रूप में प्रयोग
एनटीपीसी के डिप्टी जनरल मैनेजर उपेंद्र मिश्र ने बताया कि प्लांट में पराली को कंप्रेस्ड करके छोटा टुकड़ा बनाया जाएगा, उसे प्लांट में कोयल के साथ मिलाकर जलाया जाएगा। इसका उपयोग बिजली बनाने में किया जाएगा। धान के अलावा अन्य फसलों की डंठल को भी उपयोग में लाया जाएगा। टेक्निकल सर्वे के बाद प्लांट के बारे में निर्णय किया जाएगा। जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि एनटीपीसी की टीम को दो स्थानों पर जमीन दिखा दी गई है।
जांच में मिली 172 स्थानों पर जली पराली
सिद्धार्थनगर। जिले में पराली जलाने के मामले में 172 स्थानों पर पराली जलाने की घटनाएं हुई है,जिसमें 78 घटनाओं की पुष्टि हो चुकी है। इस मामले में कृषि विभाग के 22 प्राविधिक सहायकों का वेतन बाधित किया गया, जबकि 9 विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इनके साथ कृषि विभाग के चार विषय वस्तु विशेषज्ञों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इस मामले में 74 किसानों पर 1,82, 500 रुपये जुर्माना लगाया गया है।