विशेष वाहक को भी बाबू नहीं दे रहे सूचना
प्रयागराज के दो बाबू कर रहे मनमानी, बीएसए के पत्र के बाद भी जानकारी देने में कर रहे आनाकानी
संतकबीरनगर के शिक्षक माफिया से बेहतर हैं संबंध
कई राजनीतिक हस्तियां भी हैं इस खेल में शामिल
नीरज मिश्र
सिद्धार्थनगर। फर्जी शिक्षकों की जांच में विशेष वाहक को प्रयागराज के दो लिपिक सूचना देने में आनाकानी कर रहे हैं। इसकी वजह से जांच तो प्रभावित हो रही है। साथ ही शिक्षक माफिया राजनीतिक जुगाड़ लगाने में जुट गए हैं। इस काम में संतकबीरनगर का शिक्षक माफिया भी शामिल है, जो राजनीतिक पैरवी के जरिए खुद को बचाने में जुट गया है। बीएसए ने जांच कर रहे सीओ गोरखपुर कैंट बोत्रे रोहन प्रमोद को पत्र भेजकर इसकी जानकारी भी दी है।
टीईटी प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए जिले के खंड शिक्षा अधिकारी ध्रुव जायसवाल को बीएसए कार्यालय से विशेष वाहक बनाकर परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज में नौ अक्तूबर को भेजा गया था। उनके साथ शिक्षकों के टीईटी के प्रमाण पत्र भी थे। 10 अक्तूबर को जांच कर विशेष कार्यवाहक अधिकारी को रिपोर्ट देनी थी। लेकिन प्रयागराज कार्यालय में तैनात लिपिक डीपी यादव और शहनवाज ने टीईटी के सत्यापन की फाइल उपलब्ध नहीं कराई। न ही मेल भेजा। इसकी वजह से फर्जी शिक्षकों की जांच प्रभावित हो रही है। सूत्रों की मानें तो टीईटी के अंक पत्र में बड़े स्तर पर खेल किया गया है। इसकी वजह से सत्यापन में विभाग के लिपिक आनाकानी कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि टीईटी के अंक पत्र के हेरफेर में संतकबीरनगर का एक शिक्षक माफिया जुड़ा हुआ है, जो जांच को प्रभावित करने में जुटा हुआ है। उसके नेटवर्क प्रयागराज कार्यालय में तैनात कुछ लिपिकों से भी बेहतर हैं। यही वजह है कि लगातार फर्जी शिक्षकों के जांच के मामले में देरी हो रही है। सीओ कैंट गोरखपुर बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि मामले में पुलिस की टीम अपने स्तर से जांच भी कर रही है। कुछ लिपिकों और शिक्षक माफिया के नाम सामने आए हैं। जिनके खिलाफ जांच जल्द ही शुरू की जाएगी।
फेल टीईटी अभ्यर्थियों को दे दिया है एक संस्था का चेक
संतकबीरनगर के शिक्षक माफिया ने इस साल टीईटी में शामिल फेल अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर लाखों रुपये वसूले थे। लेकिन मथुरा में फर्जी प्रकरण और फिर सिद्धार्थनगर में फर्जी शिक्षक का मामला उजागर होने के बाद वह फेल अभ्यर्थियों को पास नहीं करा पाया है। अब शिक्षक माफिया पर जब रुपये वापस करने का दबाव पड़ने लगा तो उसने जिले सहित संतकबीरनगर, आंबेडकर नगर, टांडा, बलरामपुर, देवरिया, कुशीनगर सहित पूर्वांचल के कई जिलों के फेल अभ्यर्थियों को एक संस्था का चेक सौंप दिया है। इतना ही नहीं सूत्रों की मानें तो इस मामले में कई राजनीतिक हस्तियां भी शामिल हैं। इसका खुलासा गिरफ्तार स्टेनो हरेंद्र सिंह, शिक्षक माफिया राकेश सिंह और लिपिक धर्मेंद्र की गिरफ्तारी के बाद हो चुका है।
मिले चुके हैं कई राजनीतिक हस्तियों के पैड
गिरफ्तार फर्जी स्टेनो हरेंद्र सिंह के पास से कई राजनीतिक हस्तियों के पैड मिल चुके हैं। मामले की जांच भी चल रही है। इसके अलावा एक संगठन का पैड भी मिला था, जो संतकबीरनगर के एक शिक्षक माफिया के इशारे पर बनवाया गया था। उसी पैड पर शिकायत कर फर्जी शिक्षकों से ये रुपये वसूलकर आपस में बंटवारा करते थे।